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UP News: यूपी के हड़ताली बिजलीकर्मियों का कटेगा एक महीने की सैलरी, कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश

UP News: उत्तर प्रदेश के बिजलीकर्मियों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. हड़ताल करने की वजह से उनका एक महीने का वेतन काटा जाएगा. इस सम्बंध में इलाहाबाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है. बता दें कि हाल ही में अपनी कुछ मांगों को लेकर बिजलीकर्मियों ने 72 घंटे की घोषणा की थी, लेकिन सरकार से बातचीत के बाद इससे पहले ही हड़ताल खत्म कर दी थी, लेकिन इस दौरान जनता बिजली-पानी न मिलने के कारण बेहाल हो गई थी.

हालांकि ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा था कि जिन कर्मचारियों को निलम्बित किया गया है, उनको वापस लिया जाएगा. किसी भी तरह का किसी का वेतन नहीं कटेगा, लेकिन जो कोर्ट का आदेश होगा, उसे माना जाएगा.

बता दें कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने 16 से 19 मार्च के बीच 72 घंटे की हड़ताल का नेतृत्व करने वाले विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं का एक महीने का वेतन/पेंशन रोकने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिया है.

इसके पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य में बिजली हड़ताल के खिलाफ अदालत के निर्देशों की अवमानना करते हुए हड़ताल का आह्वान करने वालों के वेतन/पेंशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. यूपीपीसीएल के निदेशक, कार्मिक प्रबंधन और प्रशासन, एमएसडी भट्टमिश्रा ने कहा कि आदेश में उल्लेख किया गया है, गैर-याचिकाकर्ताओं में से सेवारत कर्मचारियों के लिए, एक महीने का वेतन उच्च न्यायालय के अगले आदेश तक लंबित रखा जाना है और यह डिस्कॉम और मुख्यालय के निदेशक (वित्त) द्वारा सुनिश्चित किया जाना है. आदेश में संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है कि हड़ताल के दौरान बिना स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित माना जाए. इस सम्बंध में कोर्ट ने सरकार से हलफनामा भी मांगा है.

ये भी पढ़ें- Electricity Strike in UP: यूपी में बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म, किसी की नहीं जाएगी नौकरी, मुकदमें भी होंगे वापस

इन मांगों को लेकर बिजलीकर्मियों ने की थी हड़ताल

-उर्जा निगमों के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का चयन समिति के द्वारा किया जाए.
-पूर्व की तरह मिल रहे तीन पदोन्नति पदों के समयबद्ध वेतनमान के आदेश किए जाएं.
-कर्मियों के लिए पावर सेक्टर इम्प्लाइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए.
-पारेषण के उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण की आउटसोर्सिंग को बंद किया जाए.
-निविदा/संविदा कर्मियों को समान मानदेय दिया जाए.
-भत्तों के पुनरीक्षण एवं वेतन विसंगतियों का निराकरण कराया जाए.
-सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाले विद्युत उत्पादन निगम को ओबरा व अनपरा में 800-800 मेगावाट की 2-2 इकाइयां प्रदान की जाएं.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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