देश

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर अमित शाह ने किया राष्ट्रगान का आह्वान

 Vande Mataram 150th Anniversary: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर इस महान गीत के स्मरणोत्सव पर इसके पूर्ण संस्करण का अपने परिजनों के साथ सामूहिक गान करने की अपील की.

भारत की आत्मा का स्वर

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल शब्दों का संग्रह नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है. अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ‘वंदे मातरम्’ ने देश को संगठित करके आजादी की चेतना को बल दिया.

साथ ही, क्रांतिकारियों के मन में मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण, गर्व और बलिदान की भावना जगाई. ‘वंदे मातरम्’ देशवासियों के हृदय में राष्ट्रवाद की अलख प्रज्वलित कर आज भी युवाओं में एकता, राष्ट्रभक्ति और नवऊर्जा का स्रोत बना हुआ है. हमारे इस अद्वितीय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को इस वर्ष 150 वर्ष हो रहे हैं. आइए, इस महान गीत के स्मरणोत्सव पर इसके पूर्ण संस्करण का अपने परिजनों के साथ सामूहिक गान करें, जिससे भावी पीढ़ियों तक यह गीत प्रेरणा का केंद्र रहे. वंदे मातरम्.

भारत की स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का यह गौरवशाली अवसर हमारे आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अद्वितीय क्षण है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा रचित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बनकर उभरा. स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हर निर्णायक मोड़ पर इस उद्घोष ने असंख्य क्रांतिकारियों के भीतर त्याग, एकता और राष्ट्रधर्म की ज्वाला प्रज्वलित की. वन्दे मातरम्, वास्तव में, ‘भारत माता की जय’ के शाश्वत संकल्प और हमारी राष्ट्रीय आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है.

सीएम ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के महाअभियान की ओर सुदृढ़ गति से बढ़ रहा है. वन्दे मातरम् का यह अनंत राष्ट्र-प्रेम हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और सामूहिक संकल्प के साथ नये भारत के निर्माण हेतु प्रेरित कर रहा है. केंद्र सरकार द्वारा इस 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रव्यापी जन-उत्सव के रूप में मनाया जाना, इसी गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है. इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि वन्दे मातरम् की यह अक्षय ऊर्जा हमारे कर्म, चरित्र और राष्ट्रसेवा की दिशा को निरंतर प्रकाशित करती रहे और हम ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं. वन्दे मातरम्.

शिवराज सिंह चौहान का एक्स पोस्ट

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी के आह्वान पर गांव-गांव, जन-जन के मन में वंदे मातरम् का अमर गीत गूंज रहा है. यह वह स्वर है जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति दी, जिसकी ध्वनि में देश की धरती का स्पंदन है और प्रत्येक पंक्ति में राष्ट्रभाव का अभिनव आलोक है. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित यह गीत करोड़ों भारतीयों के हृदय की धड़कन है और 150 वर्ष बाद भी प्रत्येक देशवासी के मन में राष्ट्रभक्ति तथा देशप्रेम की अलख जगाता है.

ये भी पढ़ें-Bihar Election 2025: ‘बिहार में 160 से ज्यादा सीटें हासिल कर सरकार बनाएगी भाजपा’, पूर्णिया में बोले गृह मंत्री अमित शाह

स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूलते थे, उनके होठों पर यही गीत होता था. जेलों की काल कोठरियों में जब यह गीत गूंजता था, तो अंग्रेज भी कांप उठते थे. आज जब हम राष्ट्र की सामूहिक चेतना के इस अमर स्वर के 150 वर्षों का उत्सव मना रहे हैं, तो मन में गर्व और उत्साह की अनंत लहरें उठ रही हैं. यह गीत हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है. ऐसे में आवश्यकता है कि हम वंदेमातरम् को केवल गाएं नहीं, बल्कि उसे जिएं और अपने कर्म, अपने संकल्प तथा अपने चरित्र में उतारें. आइये, इस 150वें वर्ष पर वंदे मातरम् के स्वर को जन-जन तक पहुंचाएं. उत्साह, एकता और राष्ट्रभक्ति के साथ इस अमर वंदना को उत्सव के रूप में मनाएं. भारत माता की जय.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

Recent Posts

इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा या मिलेगी राहत? बॉम्बे हाईकोर्ट में कल होगा बड़ा फैसला

इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…

1 hour ago

चीन-पाक सीमा पर किलेबंदी! 2.12 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील को मंजूरी

Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…

1 hour ago

‘जाणता राजा’ का 5वां दिन: गाजियाबाद में गूंजी महाकवि भूषण की पंक्तियां- ‘काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो…’

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

3 hours ago