देश

बंगाल में भी लागू होगा UCC! विधानसभा में पास हुए तीन बिल, आखिर क्यों विपक्ष इसे बता रहा तानाशाही?

West Bengal Assembly Bills: पश्चिम बंगाल की विधानसभा ने एक साथ तीन बेहद महत्वपूर्ण और विवादित विधेयकों (बिलों) को हरी झंडी दे दी है. इनमें OBC आरक्षण में बदलाव, असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने वाला ‘एंटी-गुंडा बिल’ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली करने वाला कानून शामिल है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में समान नागरिक संहिता यानी की UCC लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं.

UCC के लिए कमेटी का गठन

सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पेश नहीं हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में बड़ा एलान किया. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है, जो यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है. इस ड्राफ्ट बिल पर आगामी 2 जुलाई को होने वाली कैबिनेट बैठक में मुहर लग सकती है.

3 विवादित बिलों पर लगी मुहर

एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल: इसे ‘एंटी-गुंडा बिल’ भी कहा जा रहा है. पक्ष में 176 और विरोध में करीब 42 वोट के साथ भारी बहुमत से पास हुए इस कानून के तहत, जनता की सुरक्षा के लिए खतरा बने शातिर अपराधियों को बिना वारंट 12 महीने तक एहतियातन हिरासत में रखा जा सकेगा. साथ ही, जिला प्रशासन और पुलिस को अपराधियों को जिला बदर करने का अधिकार होगा.

पब्लिक ऑर्डर और संपत्ति की कुर्की: इस नए कानून के अनुसार, अगर किसी प्रदर्शन या दंगे के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया, तो उसका हर्जाना उपद्रवियों से ही वसूला जाएगा. बात न मानने पर उनकी संपत्ति कुर्क या जब्त की जा सकती है.

इसके साथ ही कलकत्ता हाई कोर्ट के हालिया आदेश का पालन करते हुए सरकार ने ओबीसी कैटेगरी के ऊल-जुलूल ढांचे को फिर से व्यवस्थित किया है. हालांकि, विपक्ष और बागी विधायकों ने इस बिल का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.

विपक्ष ने बताया ‘काला का

विपक्षी दलों ने इन कानूनों को बेहद सख्त और ‘काला कानून’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार इसका इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को कुचलने के लिए करेगी. इन आरोपों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया कि यह कानून किसी आम नागरिक या नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि सिर्फ दंगाइयों, गुंडों और आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस इसका कोई गलत इस्तेमाल नहीं करेगी. जानकारों का मानना है कि प्रिवेंटिव डिटेंशन और संपत्ति कुर्की जैसे कड़े प्रावधानों के कारण आने वाले दिनों में यह बिल कोर्ट की कानूनी कसौटी पर भी कसे जा सकते हैं.

ये भी पढ़ें: मिटेगा जल संकट! दिल्ली में राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना पानी पर बड़ा समझौता, गृह मंत्री अमित शाह रहे मौजूद

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

राहुल गांधी बारूद खत्म..! सीएम योगी आदित्यनाथ किस से कहा अखिलेश बबुआ को समझाओ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को…

5 minutes ago

लोकेशन के आधार पर टैक्स तय नहीं हो सकता, बेंगलुरु फाइव-स्टार होटल पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु के फाइव-स्टार होटलों पर समान प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को बरकरार रखा…

24 minutes ago

सोने की शॉपिंग का नया ठिकाना पाकिस्तान? जानें भारत लाने के कड़े नियम और भाव में अंतर

Gold Price in Pakistan: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोना भारत के मुकाबले करीब 20,000 रुपए…

28 minutes ago

वकीलों को धमकी देने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट 6 नवंबर को करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट वकीलों को धमकी देने और पुलिस प्रदर्शन के मामले में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ…

37 minutes ago

अग्निपथ योजना में बदलाव! CDS ने रखा नया 25-75 का फॉर्मूला, कितना मिला सेवा विस्तार?

Agnipath Scheme Update: भारतीय सशस्त्र बलों में 'अग्निपथ योजना' के तहत सेवा दे रहे अग्निवीरों…

54 minutes ago

CEC और EC की कानूनी छूट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त; आरजेडी सांसद मनोज झा की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी छूट देने वाले कानून…

57 minutes ago