टीएमसी के युवा नेता कुंतल घोष
Cash for Job Scam: पश्चिम बंगाल के कैश फॉर जॉब (Cash for Job) मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल में बंद तृणमूल कांग्रेस युवा इकाई के नेता कुंतल घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ कुंतल घोष को जमानत दे दी है.
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जमानत की शर्तें ट्रायल कोर्ट तय करेगा. इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि कुंतल घोष बिना जांच एजेंसी या ट्रायल कोर्ट की पूर्व अनुमति के पश्चिम बंगाल नहीं छोड़ सकते. कोर्ट ने घोष को अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वह सबूतों और गवाहों को प्रभावित न करें. यह फैसला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने सुनाया है.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कुंतल घोष को निचली अदालत में जाने को कहा था और निचली अदालत को निर्देश दिया था कि वह 10 दिनों के भीतर घोष की जमानत याचिका पर निर्णय ले.
कुंतल घोष वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों में भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में ईडी की हिरासत में हैं. उन पर 2014 से 2021 के बीच नौकरी चाहने वाले लोगों से 19.5 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप है.
कथित तौर पर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए टीएमसी नेताओं ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वसूली थी. सीबीआई की जांच में इस घोटाले के एक अन्य आरोपी तपन मंडल ने कुंतल घोष का नाम लिया था. कुंतल घोष को टीएमसी के युवा नेता शांतनु बनर्जी का करीबी माना जाता है. दोनों हुगली जिले से तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा के सदस्य हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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