राज्यपाल का मुर्शिदाबाद दौरा.
West Bengal Violence News: पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून में संशोधनों के विरोध में भड़की हिंसा के बाद राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने शुक्रवार को मालदा-मुर्शिदाबाद का दौरा किया. उन्होंने राहत शिविरों में रह रहे हिंसा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपने की बात कही.
राज्यपाल ने कहा कि वह पूरी स्थिति का निष्पक्ष तरीके से आकलन करेंगे और शांति बहाल करने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दौरा स्थगित करने की अपील को दरकिनार करते हुए राज्यपाल ने अपने “संवैधानिक कर्तव्य” का हवाला देते हुए दौरा जारी रखा.
11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद के सूती, शमशेरगंज, धूलियन और जंगीपुर जैसे इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उत्पात मचाया था. उन्होंने लूट-पाट की और कई लोगों पर जानलेवा हमले भी किए थे. जिसके बाद सैकड़ों हिंदू जान बचाकर वहां से मालदा की ओर भागे, जहां लालपुर हाईस्कूल को राहत शिविर में बदला गया. इन शिविरों में रहने वालों ने आज राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस से अपनी आपबीती साझा की.
राज्यपाल ने कहा, “मैं पीड़ितों की भावनाओं और जरूरतों को समझकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करूंगा. मेरा मकसद है कि लोगों को उनका हक और सुरक्षा मिले.”
राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने दौरे के बाद मीडिया से कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री को स्थिति से अवगत करा चुके हैं. उन्होंने राजभवन में एक ‘शांति कक्ष’ भी खोला है, जहां से शांति बहाली की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.
इससे पहले, पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हिंसा पीड़ितों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की थी. उन्होंने पीड़ितों के पुनर्वास, क्षतिग्रस्त घरों और दुकानों की मरम्मत समेत कई मांगें रखीं. मजूमदार ने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन मांगों पर सैद्धांतिक सहमति जताई है.”
राज्यपाल से पहले राष्ट्र्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की टीमें भी मालदा पहुंचीं और राहत शिविरों का दौरा किया. NHRC ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तीन हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा, “हमें शिकायतें मिली हैं कि शिविरों में महिलाओं के साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है. हम उनसे मिलेंगे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट सौंपेंगे.”
बीजेपी सहित विपक्षी दलों ने ममता सरकार पर हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है. वहीं, मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से दौरा टालने की अपील करते हुए कहा था कि “विश्वास बहाली की प्रक्रिया जारी है और स्थिति सामान्य हो रही है.”
हालांकि, राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के दौरे और NHRC, NCW जैसी केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता ने इस मुद्दे को राज्य की सीमाओं से बाहर राष्ट्रीय फलक पर ला खड़ा किया है. अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार राज्यपाल की रिपोर्ट के आधार पर क्या कदम उठाती है.
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