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कौन हैं उज्ज्वल निकम, जिन्होंने अजमल कसाब को फांसी दिलाने में निभाई अहम भूमिका? अब राष्ट्रपति ने राज्यसभा के लिए किया मनोनीत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने चार लोगों को राज्यसभा (Rajya Sabha) के लिए मनोनीत किया है. इनमें प्रख्यात और जाने-माने अधिवक्ता उज्ज्वल देवराव निकम (Ujjwal Devrao Nikam) का नाम भी शामिल है. उज्ज्वल निकम देश के जाने माने अधिवक्ता हैं. उन्होंने आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा था.

पीएम मोदी ने किया फोन

राष्ट्रपति की ओर से आधिकारिक ऐलान के बाद पीएम मोदी ने इन सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने सभी को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं. वहीं पीएम मोदी ने उज्ज्वल निकम से फोन पर भी बात करके शुभकामनाएं दीं. इस दौरान पीएम मोदी ने निकम से पूछा कि हिंदी में बात करूं या मराठी में?

अजमल कसाब को दिलाई थी फांसी

उज्ज्वल निकम देश के चर्चित और अनुभवी वकिलों में गिने जाते हैं. निकम ने मुंबई में 26/11 को हुए आतंकवादी हमलों के मुख्य आरोपी अजमल कसाब के खिलाफ सरकार की तरफ से मुकदमा लड़ा था. वह केस देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक था. अज्जव निकम की पैरवी इतनी दमदार थी कि उन्होंने कसाब को कोर्ट से फांसी की सजा दिलवा दी थी. उन्होंने सबूत और गवाहों को इस तरह से पेश किया कि अदालत को फैसला लेने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई थी.

कसाब की केस ने निकम को देशभर में पहचान दिलाई थी. इसके बाद आतंक के खिलाफ सख्ती से खड़े होने वाले वकील के तौर पर उनकी छवि बन गई. सुरक्षा को देखते हुए निकम को Z+ कैटेगरी सुरक्षा दी गई थी. करीब अपने जीवन के 3 दशकों में 600 सौ से अधिक अपराधियों को उम्रकैद की सजा दिलाई है और 37 अपराधियों को फांसी की सजा दिला चुके हैं.

हाई प्रोफाइल केसों की पैरवी

अजमल कसाब (Ajmal Kasab) केस के अलावा निकम और भी कई हाई-प्रोफाइल केस की भी पैरवी कर चुके हैं. जिनमें 1993 के बॉम्बे बम विस्फोट, प्रमोद महाजन हत्या (Pramod Mahajan Murder) मामला, 2008 के मुंबई हमला और गुलशन कुमार हत्या (Gulshan Kumar murder) सहीत कई केस है. इसके अलावा वो कोपर्डी बलात्कार और मुंबई सामूहिक बलात्कार में सरकारी वकील थे.

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित

उज्ज्वल निकम को भारत सरकार ने उनके कानूनी योगदान के लिए 2016 में देश के चौथे बड़े सम्मान पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shree Award) से सम्मानित किया था.

मराठी परिवार में जन्म

उज्ज्वल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. निकम के पिता जज थे. उन्होंने जलगांन के ही एसएस मनियार लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की है. निकम ने विज्ञान से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. गांव से ही अपने करियर की शुरुआत करने वाले निकम राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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