राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने चार लोगों को राज्यसभा (Rajya Sabha) के लिए मनोनीत किया है. इनमें प्रख्यात और जाने-माने अधिवक्ता उज्ज्वल देवराव निकम (Ujjwal Devrao Nikam) का नाम भी शामिल है. उज्ज्वल निकम देश के जाने माने अधिवक्ता हैं. उन्होंने आतंकवादी अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा था.
पीएम मोदी ने किया फोन
राष्ट्रपति की ओर से आधिकारिक ऐलान के बाद पीएम मोदी ने इन सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने सभी को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं. वहीं पीएम मोदी ने उज्ज्वल निकम से फोन पर भी बात करके शुभकामनाएं दीं. इस दौरान पीएम मोदी ने निकम से पूछा कि हिंदी में बात करूं या मराठी में?
Shri Ujjwal Nikam’s devotion to the legal field and to our Constitution is exemplary. He has not only been a successful lawyer but also been at the forefront of seeking justice in important cases. During his entire legal career, he has always worked to strengthen Constitutional…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2025

अजमल कसाब को दिलाई थी फांसी
उज्ज्वल निकम देश के चर्चित और अनुभवी वकिलों में गिने जाते हैं. निकम ने मुंबई में 26/11 को हुए आतंकवादी हमलों के मुख्य आरोपी अजमल कसाब के खिलाफ सरकार की तरफ से मुकदमा लड़ा था. वह केस देश के सबसे चर्चित मामलों में से एक था. अज्जव निकम की पैरवी इतनी दमदार थी कि उन्होंने कसाब को कोर्ट से फांसी की सजा दिलवा दी थी. उन्होंने सबूत और गवाहों को इस तरह से पेश किया कि अदालत को फैसला लेने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई थी.
कसाब की केस ने निकम को देशभर में पहचान दिलाई थी. इसके बाद आतंक के खिलाफ सख्ती से खड़े होने वाले वकील के तौर पर उनकी छवि बन गई. सुरक्षा को देखते हुए निकम को Z+ कैटेगरी सुरक्षा दी गई थी. करीब अपने जीवन के 3 दशकों में 600 सौ से अधिक अपराधियों को उम्रकैद की सजा दिलाई है और 37 अपराधियों को फांसी की सजा दिला चुके हैं.

हाई प्रोफाइल केसों की पैरवी
अजमल कसाब (Ajmal Kasab) केस के अलावा निकम और भी कई हाई-प्रोफाइल केस की भी पैरवी कर चुके हैं. जिनमें 1993 के बॉम्बे बम विस्फोट, प्रमोद महाजन हत्या (Pramod Mahajan Murder) मामला, 2008 के मुंबई हमला और गुलशन कुमार हत्या (Gulshan Kumar murder) सहीत कई केस है. इसके अलावा वो कोपर्डी बलात्कार और मुंबई सामूहिक बलात्कार में सरकारी वकील थे.
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित
उज्ज्वल निकम को भारत सरकार ने उनके कानूनी योगदान के लिए 2016 में देश के चौथे बड़े सम्मान पद्मश्री पुरस्कार (Padma Shree Award) से सम्मानित किया था.
मराठी परिवार में जन्म
उज्ज्वल निकम का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव में हुआ था. निकम के पिता जज थे. उन्होंने जलगांन के ही एसएस मनियार लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की है. निकम ने विज्ञान से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. गांव से ही अपने करियर की शुरुआत करने वाले निकम राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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