Next CBI Chief India: देश की प्रमुख जांच एजेंसी ‘केंद्रीय जांच ब्यूरो’ (CBI) को जल्द ही अपना नया बॉस मिलने वाला है. मौजूदा सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल 25 मई को खत्म हो रहा है. ऐसे में ‘सीबीआई का अगला चीफ कौन होगा?’ इसे लेकर दिल्ली के सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है.
इस अहम फैसले के लिए आज शाम 7 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर एक हाई-पावर्ड सिलेक्शन कमेटी की बैठक होने जा रही है. इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत शर्मा और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे.
सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा निदेशक प्रवीण सूद को दूसरा सेवा विस्तार (Extension) मिलने की उम्मीद बेहद कम है. ऐसे में सीबीआई के नए बॉस की रेस में आधा दर्जन आईपीएस (IPS) अधिकारियों के नाम तेजी से उभर कर सामने आए हैं. आइए जानते हैं कि सीबीआई चीफ की इस रेस में कौन-कौन से 5 बड़े नाम सबसे आगे चल रहे हैं.
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इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार असम-मेघालय कैडर के 1989 बैच के आईपीएस और वर्तमान सीआरपीएफ (CRPF) के डीजी जीपी सिंह को माना जा रहा है. वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद विश्वासपात्र माने जाते हैं. असम के डीजीपी रहते हुए उग्रवाद और सीआरपीएफ में माओवाद को खत्म करने में उनका बड़ा योगदान रहा है. हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान उन्होंने दो हफ्ते से ज्यादा समय तक खुद सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराया था. इसी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड का इनाम उन्हें सीबीआई चीफ की कुर्सी के रूप में मिल सकता है.
हरियाणा कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर भी इस रेस में मजबूती से डटे हुए हैं. उन्हें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का बेहद करीबी माना जाता है. हरियाणा के डीजीपी रहने के बाद जब उनका नाम एक विवाद में आया था, तो उन्हें केंद्र में लाया गया. जनवरी में ही उन्हें आईटीबीपी (ITBP) का डीजी बनाया गया है और वे इसी साल 31 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं.
केरल कैडर के 1993 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी योगेश गुप्ता का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है. योगेश गुप्ता का ‘कोल्ड-कैलकुलेटेड’ वर्किंग स्टाइल उन्हें बाकियों से अलग बनाता है. इससे पहले उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और खुद सीबीआई (CBI) में काफी सराहनीय काम किया है. एजेंसी की आंतरिक कार्यप्रणाली को गहराई से समझना उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित गर्ग भी एक ‘साइलेंट परफॉर्मर’ के तौर पर इस रेस में शामिल हैं. वे वर्तमान में हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी’ (SVPNPA) के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं. उनका क्लीन रिकॉर्ड और प्रशासनिक कौशल उनके नाम पर विचार करने का एक बड़ा कारण है.
पांचवें नंबर पर दो अधिकारियों के बीच कांटे की टक्कर है. महाराष्ट्र कैडर के 1990 बैच के आईपीएस सदानंद वसंत दाते. इससे पहले वे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख रह चुके हैं, जो उन्हें आतंकवाद विरोधी और गंभीर अपराधों की जांच का बड़ा अनुभव देता है. एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के 1993 बैच के आईपीएस प्रवीर रंजन भी इस लिस्ट में शामिल हैं. अभी मौजूदा सीआईएसएफ (CISF) निदेशक है. उनका नाम भी इस हाई-प्रोफाइल लिस्ट में शामिल है.
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सिर्फ सीबीआई ही नहीं, बल्कि खुफिया ब्यूरो (IB) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में भी बदलाव की सुगबुगाहट है. 1988 बैच के आईपीएस और आईबी चीफ तपन डेका को 2024 में पहला एक्सटेंशन मिला था. उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सफल अभियानों के चलते, अमित शाह की ‘गुड बुक’ में होने के कारण उन्हें एक और सेवा विस्तार मिलने की पूरी संभावना है. अगर जीपी सिंह को सीबीआई चीफ बनाया जाता है और सीआरपीएफ डीजी का पद खाली होता है, तो करीब एक दशक से बल में तैनात स्पेशल डीजी (SDG) वितुल कुमार को नया महानिदेशक बनाया जा सकता है.
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