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हिमंत बिस्वा सरमा का ‘राजतिलक’: गुवाहाटी में दूसरी बार ली सीएम पद की शपथ, राजनीतिक दिग्गजों से सजी असम की धरती

असम की राजनीति में आज का मंगलवार एक बड़े त्योहार जैसा रहा. गुवाहाटी की फिजाओं में ‘जय आई असम’ के नारों के बीच हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. ये नजारा सिर्फ एक राजनीतिक शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि भाजपा का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन भी था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह और देश भर के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

गुवाहाटी में ‘दिग्गजों’ का जमावड़ा

इस खास मौके पर असम की धरती पर मानो मिनी इंडिया सिमट आया था. केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जिस गर्मजोशी के साथ हिमंत बिस्वा सरमा को बधाई दी, वह चर्चा का विषय बना हुआ है.

चिराग पासवान ने हिमंत की नेतृत्व शैली की तारीफ करते हुए कहा कि वे पीएम मोदी के विजन को असम की जमीन पर उतार रहे हैं. वहीं, नितिन गडकरी ने जनता का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि ये जीत भरोसे की जीत है और अब जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है.

इसके आलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हिमंत को ‘हिमंत दादा’ कहकर संबोधित किया और कहा कि जनता का ये आशीर्वाद उनके काम का नतीजा है.

मां कामाख्या का आशीर्वाद और ‘विकसित भारत’ का संकल्प

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का अंदाज थोड़ा अलग और आध्यात्मिक रहा. उन्होंने कहा कि वे सिर्फ शपथ ग्रहण के लिए नहीं, बल्कि मां कामाख्या के दर्शन करने भी आए हैं. उन्होंने प्रार्थना की कि पीएम मोदी का ‘विकसित भारत’ का सपना और उनका अपना ‘विकसित गोवा 2037’ का लक्ष्य पूरा हो सके. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इसे ‘जबरदस्त जीत’ बताते हुए कहा कि असम अब विकसित भारत की राह पर तेजी से दौड़ रहा है.

क्यों खास है दोबारा ताजपोशी?

राजनीतिक पंडितों की मानें तो हिमंत बिस्वा सरमा की ये जीत केवल सत्ता की वापसी नहीं है, बल्कि उत्तर-पूर्व में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का सबसे बड़ा उदाहरण है. हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी इस बात को दोहराया कि असम अब विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने को तैयार है.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक बहुत गहरी बात कही. उन्होंने कहा, ‘ये जनादेश एक ऐतिहासिक संदेश है. लोगों ने उन्हें न केवल दोबारा चुना है, बल्कि एक बेहद मजबूत शक्ति दी है, जो विकास के लिए बहुत जरूरी है.’

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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