Jewar Airport flight start date: उत्तर प्रदेश के लिए आज (28 मार्च) का दिन बेहद ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने अत्याधुनिक ‘नोएडा इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट’ के पहले चरण का भव्य उद्घाटन कर दिया है. इसके साथ ही यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं. करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार है, लेकिन यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यहां से व्यावसायिक उड़ानें कब से शुरू होंगी?
एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद भी यहां से फ्लाइट पकड़ने के लिए यात्रियों को लगभग 45 दिनों का इंतजार करना होगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस एयरपोर्ट को 11 मार्च को एयरोड्रम लाइसेंस (Aerodrome License) मिला है. विमानन नियमों के तहत, लाइसेंस मिलने और कमर्शियल फ्लाइट सर्विस शुरू होने के बीच आमतौर पर 45 दिनों का अंतर (Cooling-off Period) होता है.
इस समय का इस्तेमाल एयरलाइंस और अन्य एजेंसियां कमर्शियल ऑपरेशन की अपनी अंतिम तैयारियों (जैसे- स्टाफ डिप्लॉयमेंट, ग्राउंड हैंडलिंग, और सिस्टम टेस्टिंग) के लिए करती हैं. ऐसे में पूरी संभावना है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते या मई की शुरुआत से जेवर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी.
शुरुआती चरण में जेवर एयरपोर्ट से देश के 50-60 शहरों के लिए विमान सेवाएं शुरू होंगी. इसके लिए अकासा (Akasa), इंडिगो (Indigo) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के साथ करार किया गया है. शुरुआत में यहां से मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे, लखनऊ, अहमदाबाद, चेन्नई, गोवा, जयपुर, वाराणसी और भोपाल के लिए उड़ानें मिलेंगी. इंडिगो अकेले करीब 45 शहरों को कवर करेगी.
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पहले 6 महीने तक सिर्फ घरेलू (Domestic) उड़ानें ही संचालित होंगी. इसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी. एयरलाइंस द्वारा अपना फाइनल समर शेड्यूल जारी करते ही जल्द ही टिकट बुकिंग की प्रक्रिया (Jewar airport ticket booking) भी ऑनलाइन शुरू कर दी जाएगी.
जेवर एयरपोर्ट तकनीकी रूप से बेहद उन्नत है. यहां ‘आईएलएस सीएटी-3’ (ILS CAT-3) सिस्टम लगाया गया है, जिससे उत्तर भारत के घने कोहरे और खराब मौसम में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग हो सकेगी. यात्रियों की सुविधा के लिए पहले चरण (सालाना 1.2 करोड़ यात्री क्षमता) में 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन, 9 इमिग्रेशन काउंटर और 10 एयरोब्रिज बनाए गए हैं. इसके अलावा, यात्रियों को डिजीयात्रा (DigiYatra) और सेल्फ बैगेज ड्रॉप जैसी पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस सुविधाएं मिलेंगी.
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे का भारी दबाव कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी भी शानदार हो जाएगी. यमुना एक्सप्रेसवे, रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और भविष्य में बुलेट ट्रेन से जुड़ने वाला यह एयरपोर्ट आने वाले समय में देश का सबसे बड़ा एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनने जा रहा है.
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