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स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी ने क्यों नहीं किया साइन? कांग्रेस ने बताई वजह

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने लोकसभा सचिवालय में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है. आरोप लगाया गया है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का मौका नहीं दिया गया. हालांकि इस नोटिस पर राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं हैं. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि उन्होंने इस पर साइन क्यों नहीं किए. अब कांग्रेस ने इसकी वजह स्पष्ट की है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

भेदभाव का लगाया आरोप

जानकारी के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 94 (c) के तहत विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को यह प्रस्ताव सौंपा है. विपक्षी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर पर भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाया है. स्पीकर को हटाने से जुड़े इस प्रस्ताव में कुल चार बिंदुओं का उल्लेख किया गया है.

1. 2 फरवरी को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने से रोके जाने का आरोप.

2. 3 फरवरी को आठ सांसदों के निलंबन का मामला भी नोटिस में शामिल है.

3. 4 फरवरी को सत्ता पक्ष के एक सांसद द्वारा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी, जिस पर विपक्ष की आपत्ति के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप.

4. लोकसभा स्पीकर द्वारा विपक्षी महिला सांसदों को लेकर की गई टिप्पणी को भी प्रस्ताव में आधार बनाया गया है.

राहुल गांधी ने क्यों नहीं किया साइन?

न्यूज एजेंसी एएनआई ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया कि स्पीकर को पद से हटाने के नोटिस पर नेता प्रतिपक्ष का हस्ताक्षर करना संसदीय लोकतंत्र में सही नहीं है. इसी वजह से राहुल गांधी ने नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया.

118 सांसदों ने किए हस्ताक्षर

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि हमारे पास नंबर नहीं है तो क्या हुआ विपक्ष एक संदेश देना चाहता है. हम कोई इस सरकार की तरह नहीं कि कह दें कि कोई हमसे बड़ी इकॉनोमी है तो हम उनसे नहीं लड़ सकते. हमें संसद में बोलने नहीं दिया गया. चेयर से उम्मीद की जाती है जैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए वो करेंगे.

वहीं अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी का हस्ताक्षर नहीं होने पर उन्होंने कहा कि राहुल जी ने हस्ताक्षर नहीं किए लेकिन 118 सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर किए. वहीं टीएमसाी के सवाल पर उन्होंने कहा कि टीएमसी के सांसदों के साइन नहीं हैं, लेकिन वे हमारे साथ हैं.


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क्या कहता है नियम?

विपक्ष के सांसदों द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से कुछ खास नहीं बदलेगा. क्योंकि किसी भी स्पीकर को पद से हटाने के लिए संसद में बहुमत मिलना जरूरी है. जबकि विपक्ष (INDIA गठबंधन) के पास करीब 230 के आसपास सांसद हैं. स्पीकर को पद से हटाने के लिए बहुमत चाहिए, जो फिलहाल सरकार के पक्ष में हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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