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No Confidence motion

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने अविश्वास प्रस्ताव के बाद सदन में वापसी की. उन्होंने कहा कि संसद 140 करोड़ नागरिकों की इच्छा का प्रतिनिधित्व करती है और हर सदस्य को नियमों के तहत बोलने का अधिकार है.

Om Birla No Confidence Motion: लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को ध्वनिमत से गिर गया. गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में हुई बहस का जवाब देते हुए अविश्वास प्रस्ताव को अफसोसजनक घटना बताया.

Rahul Gandhi vs Ravi Shankar Prasad: लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी और रविशंकर प्रसाद के बीच तीखी बहस हुई. राहुल ने पीएम को 'कॉम्प्रोमाइज्ड' बताया तो भाजपा ने पलटवार किया.

Om Birla On No Confidence Motion:: स्पीकर ओम बिरला ने सदन की अध्यक्षता न करने का फैसला किया है. यानी वो आज से सदन में नजर नहीं आएंगे. आइये जानें उन्होंने अचानक यह कमद क्यों उठाया है.

ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी के साइन न होने से सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस ने इसके पीछे की वजह स्पष्ट की है.

Om Birla No Confidence Motion: संसद की लड़ाई अब संविधान के पन्नों तक पहुंच गई है. विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया है. 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं. आइये जानें अब अगले 14 दिन क्या होने वाला है और इसके लिए संवैधानिक नियम क्या कहते हैं.

प्रस्ताव को राज्यसभा के बाद लोकसभा से भी पास कराना होगा. लेकिन आंकड़े विपक्ष के पक्ष में गवाही नहीं दे रहे हैं. राज्यसभा में कुल सदस्यों की संख्या 245 हैं. उच्च सदन में मौजूदा सदस्यों की संख्या 234 है. इसमें बीजेपी के अकेले 96 सदस्य हैं.

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने मंगलवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, डीएमके और राजद के सांसद शामिल थे.

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना राजनीति के उच्च स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है. हालांकि वास्तविकता यह है कि इस प्रस्ताव के पास सफलता की संभावना बेहद कम है.

2014 में सत्ता में आने के बाद यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री मोदी को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा।