Bihar News: बिहार (Bihar) में स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात बद से बदतर हैं. इतना बदतर है कि वेंटिलेटर (Ventilator) पर पड़ा हुआ है इस उम्मीद में कि कोई तो आएगा जो सबकुछ ठीक कर देगा. बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता अपना इलाज विदेश (Foreign) में या फिर अपने ही देश के दूसरे राज्यों (Other States) में जाकर करा लेते हैं, लेकिन बिहार की जनता को लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर छोड़ देते हैं. मजबूर लोग भी क्या कर सकते हैं, भगवान पर विश्वास करके उसी लचर व्यवस्था से इलाज कराने चले जाते हैं. हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे. गया जिले के बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी कराने गई एक महिला की मौत हो गई है. जिसके बाद मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर बवाल काटा. परिजनों ने बेलागंज थाना में शिकायत की है कि मामले में दोषी पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए.
बता दें, वंशीबिगहा (Vanshibigha) गांव के निवासी संजू मांझी की पत्नी सोनी देवी (Sony Devi), जिनकी उम्र मात्र 28 वर्ष थी, वो सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी ऑपरेशन कराने के लिए जाती हैं. ऑपरेशन हो भी जाता है, लेकिन ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही महिला की स्वास्थ्य स्थिति खराब होने लगती है, जिसके बाद डॉक्टरों ने मरीज को एएनएमसीएच गया रेफर कर दिया. लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. गया ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई. हद तो तब हो गई जब एंबुलेंस में मरीज के साथ गई दो नर्स एंबुलेंस को छोड़कर चली गईं. जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने मृत महिला को फिर से बेलागंज स्वास्थ्य केंद्र लेकर आ गए. उधर मौत की खबर सुनते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए थे और जमकर हंगामा किया.
-भारत एक्सप्रेस
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