दिल्ली में संसद का माहौल आज (शुक्रवार) काफी अहम है. लोकसभा में शाम करीब 4 बजे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन से जुड़े विधेयक पर वोटिंग होनी है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से खास अपील की है कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ फैसला लें और महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें.
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों से जुड़ा हुआ विषय है.
उनके मुताबिक, आज जो भी निर्णय लिया जाएगा, उस पर पूरे देश की महिलाओं की नजर है. इसलिए यह समय राजनीति से ऊपर उठकर सही फैसला लेने का है.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि संसद में इस मुद्दे पर लंबी और गहन चर्चा हो चुकी है. उन्होंने बताया कि बहस देर रात तक, यहां तक कि रात एक बजे तक चली. इस दौरान जो भी शंकाएं या सवाल उठे, उनका तर्क के साथ जवाब दिया गया. सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जिन सांसदों को जानकारी की कमी थी, उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे सही तरीके से अपना निर्णय ले सकें.
प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर राजनीति होने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले चार दशकों से महिला आरक्षण को लेकर काफी राजनीति हो चुकी है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका हक दिया जाए. उनका मानना है कि आजादी के इतने साल बाद भी महिलाओं की भागीदारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में कम रहना सही नहीं है.
वोटिंग से ठीक पहले पीएम मोदी ने सांसदों से एक भावनात्मक अपील भी की. उन्होंने कहा कि जब सांसद वोट देने जाएं, तो अपने घर की महिलाओं मां, बहन, बेटी और पत्नी को याद करें और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें. उन्होंने यह भी कहा कि यह मौका देश की नारी शक्ति को सम्मान देने और उन्हें आगे बढ़ाने का है.
अगर यह विधेयक सर्वसम्मति से पास होता है, तो ना सिर्फ महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी, बल्कि देश का लोकतंत्र भी और ज्यादा सशक्त बनेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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