Yamuna Expressway Bus Accident: रोंगटे खड़े कर देने वाले सड़क हादसों के लिए बदनाम हो चुके यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक बार फिर मौत का तांडव देखने को मिला है. माइलस्टोन 112 और 113 के बीच सवारियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार वॉल्वो बस और गिट्टी से लदे एक भारी ट्रेलर के बीच इतनी जोरदार टक्कर हुई कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई.
इस रूह कँपा देने वाले हादसे में 4 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह लोहे के मलबे में तब्दील हो गया. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
यह दिल दहला देने वाला हादसा मंगलवार को तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुआ, जब एक्सप्रेसवे पर घना अंधेरा था और ज्यादातर यात्री गहरी नींद में सो रहे थे. पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में क्रेन और कटर की मदद से बस के मलबे को काटकर उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 20 घायल यात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल और जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है. वहीं चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है.
हादसे का शिकार हुई बदकिस्मत प्राइवेट वॉल्वो बस बिहार के रजिस्ट्रेशन नंबर की थी, जो लखनऊ से सवारियां भरकर दिल्ली की तरफ जा रही थी. इसी दौरान एक्सप्रेसवे की तीसरी लेन पर राजस्थान नंबर का एक भारी ट्रेलर चल रहा था, जो गिट्टी से पूरी तरह लदा हुआ था.
जैसे ही बस माइलस्टोन 112 के पास पहुंची, उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि वह सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के गांवों के लोग और एक्सप्रेसवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालक दहशत में आ गए और तुरंत मदद के लिए दौड़े.
अपनों की तलाश में जुटी पुलिस: इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले चारों अभागे मृतकों की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस उनके पास से मिले बैग, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेजों के आधार पर शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि उनके रोते-बिलखते परिजनों को जल्द से जल्द इस दुखद घटना की सूचना दी जा सके.
अस्पताल में जिंदगी की जंग: अस्पताल में भर्ती कराए गए 20 घायल यात्रियों में से कुछ लोगों की हालत बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
हादसे के बाद पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दुर्घटना की सबसे बड़ी वजह बस ड्राइवर को अचानक नींद का झोंका आना माना जा रहा है. सुबह के वक्त तेज रफ्तार बस चलाते समय ड्राइवर की आंख लग गई और वह आगे चल रहे ट्रेलर को नहीं देख पाया. एक्सप्रेसवे पर रफ्तार की इस अंधी दौड़ और एक पल की लापरवाही ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ कर रख दिया है. प्रशासन ने एक बार फिर वाहन चालकों से अपील की है कि रात या तड़के के सफर में नींद आने पर वाहन को रोककर आराम जरूर करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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