उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल नवरात्र में किया जा सकता है. इस विस्तार में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं दिखाई दे रही है. कैबिनेट विस्तार को लेकर कहा जा रहा है कि जो भी विस्तार ये बदलाव होंगे वो सामान्य तौर पर किए जाएंगे, लेकिन मंत्रिमंडल में दो नए चेहरों को जगह मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं.
योगी मंत्रिमंडल विस्तार में सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर और घोसी उपचुनाव में हार चुके पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान का नाम शामिल है. इन दोनों नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है. सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर हाल ही में NDA में शामिल हुए थे. इसके अलावा दारा सिंह ने भी कुछ महीने पहले बीजेपी में वापसी की थी. तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि इन्हें मंत्री बनाया जा सकता है.
दारा सिंह चौहान घोसी उपचुनाव में बीजेपी की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए थे. इस चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के सुधाकर सिंह ने हराया था. हार के बाद दारा सिंह के मंत्री बनने की उम्मीदों पर काले बादल छा गए थे. जिसके चलते उन्होंने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी. दिल्ली में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह से मुलाकात की थी.
योगी कैबिनेट में विस्तार में हो रही देरी को लेकर सपा प्रवक्ता अमीके जामेई ने सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार में चल रही खींचतान की वजह से विस्तार में देरी हो रही है. जिससे पता चलता है कि डबल इंजन की सरकार में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है.
सपा की तरफ से दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कैबिनेट में कई नेता शामिल होना चाहते हैं, लेकिन ये मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था का नियम है. पार्टी के संगठन के साथ विचार-विमर्श के बाद सही समय आने पर मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच किसी तरह के मतभेदों को सिरे से खारिज कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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