राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सोमवार सुबह 7:30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 403 दर्ज किया गया जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, शहर में कोहरे की एक पतली परत छाई रही, जिससे दृश्यता कम हो गई. सुबह 5:30 बजे न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ-साथ दिन में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जिसमें वजीरपुर (464), अशोक विहार (460), मुंडका (446), बुराड़ी क्रॉसिंग (445) और आनंद विहार (443) शामिल हैं. उल्लेखनीय रूप से, द्वारका-सेक्टर 8 (393) और नजफगढ़ (372) में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ सीमा से थोड़ा नीचे रही.
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 से 400 के बीच दर्ज किया गया. डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 399, द्वारका सेक्टर-8 में 389, आईजीआई एयरपोर्ट में 351, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 400, लोधी रोड में 376, मंदिर मार्ग में 400, शादीपुर में 373, श्री अरबिंदो मार्ग में 361, नजफगढ़ में 372 दर्ज किया गया. रविवार को पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर), एक प्रमुख प्रदूषक, खतरनाक रूप से उच्च रहा, जिसमें 39 में से 37 निगरानी स्टेशनों ने ‘गंभीर प्लस’ वायु गुणवत्ता दर्ज की.
प्रदूषण की स्थिति बिगड़ने के बाद 16 दिसंबर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण को लागू किया गया है. इन कदम का उद्देश्य प्रदूषण पर लगाम लगाना है, लेकिन इनका तत्काल प्रभाव सीमित है.
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश और हरियाणा को दिल्ली की तरह पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया और ग्रैप-4 और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के सख्त क्रियान्वयन पर जोर दिया. शीर्ष अदालत ने एनसीआर राज्यों को ग्रैप-4 उपायों के अनुपालन की निगरानी के लिए दिल्ली के प्रवेश बिंदुओं पर टीमें तैनात करने का भी आदेश दिया.
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निवासी प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की रिपोर्ट कर रहे हैं, जिसमें श्वसन संबंधी समस्याएं और आंखों में जलन शामिल हैं. घने कोहरे और जहरीली हवा के संयोजन ने दिल्ली के लोगों के लिए जीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, कई लोग इस संकट से निपटने के लिए मजबूत और अधिक प्रभावी उपायों की मांग कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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