बिहार राज्य में 2025 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक 15 अप्रैल को दिल्ली में होने जा रही है. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होगी, जिसमें बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और दोनों दलों के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे. बैठक का मुख्य उद्देश्य सीट बंटवारे और आगामी चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देना है.
आरजेडी और कांग्रेस के बीच गठबंधन का इतिहास कोई नया नहीं है. दशकों से समय-समय पर दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे का साथ दिया है. 2015 का विधानसभा चुनाव इस गठबंधन के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने एक महागठबंधन बनाकर भाजपा को करारी शिकस्त दी थी. उस चुनाव में जातीय और सामाजिक समीकरणों ने निर्णायक भूमिका निभाई थी.
आरजेडी की पकड़ यादव और मुस्लिम समुदाय में बेहद मज़बूत मानी जाती है, जबकि कांग्रेस का जनाधार तुलनात्मक रूप से कमजोर रहा है. हालांकि, कांग्रेस दलितों, अल्पसंख्यकों और कुछ सवर्ण जातियों में अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही है. यही सामाजिक समीकरण बिहार की राजनीति में गठबंधन को अहम बनाते हैं.
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2019 के लोकसभा चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन गठबंधन को अपेक्षित सफलता नहीं मिली. 2020 के विधानसभा चुनाव में भी दोनों दलों ने एक साथ चुनाव लड़ा, मगर इस बार भी उन्हें बहुमत नहीं मिल पाया. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार फिर से सत्ता में लौटी. इन चुनावों में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर आरजेडी में नाराजगी भी देखी गई थी. सीट बंटवारे को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए थे.
फिलहाल आरजेडी और कांग्रेस INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, जो भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता का प्रयास है. बिहार में तेजस्वी यादव विपक्ष का मुख्य चेहरा बने हुए हैं, जबकि कांग्रेस एक सहयोगी दल की भूमिका में है. ऐसे में 2025 के चुनावों को लेकर सीट बंटवारे पर सहमति बनाना दोनों दलों के लिए अहम चुनौती है.
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर होने वाली बैठक में संभावित रूप से कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. इस बैठक के दौरान सीटों की संख्या, प्रचार रणनीति और उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं पर मंथन होगा. दोनों दलों की कोशिश रहेगी कि पिछली गलतियों से सीख लेते हुए एक मज़बूत गठबंधन तैयार किया जाए, जो भाजपा को कड़ी टक्कर दे सके.
-भारत एक्सप्रेस
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