नवीनतम

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाएगा INDIA गठबंधन?

भारतीय लोकतंत्र में चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था माना जाता है, जिसका काम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना है. लेकिन हाल के घटनाक्रम ने इस संस्था को भी तीखी राजनीतिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है. विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए चुनावी सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.

विपक्षी दलों ने शुरू की प्रकिया

सूत्रों के अनुसार विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव के लिए सांसदों के हस्ताक्षर जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. संसद के नियमों के अनुसार, लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं. विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनके पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है और वे आने वाले कुछ दिनों में हस्ताक्षर एकत्र कर शुक्रवार तक नोटिस जमा कर सकते हैं. हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि प्रस्ताव Lok Sabha में पेश किया जाएगा या Rajya Sabha में. कुछ नेताओं का सुझाव है कि दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाए ताकि मुद्दे को अधिक राजनीतिक और संसदीय महत्व मिल सके.

यदि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव औपचारिक रूप से पेश किया जाता है और उसे स्वीकार कर लिया जाता है, तो यह भारतीय चुनावी इतिहास में पहली ऐसी घटना होगी जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को इस तरह की कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा. हालांकि इससे पहले 1990 के दशक में टी एन सेशन और 2006 में नवीन चावला के खिलाफ भी ऐसी चर्चा हुई थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका.

क्या है विपक्ष का आरोप?

विपक्ष का मुख्य आरोप स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर है. उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे “बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित” होने की स्थिति पैदा हो सकती है. प्रस्ताव के मसौदे में उन टिप्पणियों का भी उल्लेख किए जाने की संभावना है जो Supreme Court of India ने SIR से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की थीं. विपक्ष यह भी आरोप लगा रहा है कि इन कार्रवाइयों से चुनावी प्रक्रिया में “चुनाव धोखाधड़ी” को बढ़ावा मिल सकता है.

ये भी पढ़ें: संसद में भिड़े दिग्गज: आंख मारने से लेकर कॉम्प्रोमाइज्ड तक; जानें राहुल गांधी vs रविशंकर प्रसाद में क्या-क्या हुआ?

इस मुद्दे की गूंज संसद के दोनों सदनों में भी सुनाई दी. राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता Derek O’Brien ने सबसे पहले यह मुद्दा उठाया और कहा कि सभी राजनीतिक दल चुनावी सुधार चाहते हैं, लेकिन जिस तरीके से चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया चला रहा है, उस पर गंभीर सवाल उठते हैं. उन्होंने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की मांग की. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए इसे “बेहद जरूरी” मुद्दा बताया.

इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग की भूमिका और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है. एक तरफ विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और मतदाताओं की सुरक्षा का सवाल बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि चुनावी सूची को साफ और विश्वसनीय बनाने के लिए समय-समय पर ऐसी प्रक्रियाएं जरूरी होती हैं. आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव औपचारिक रूप से पेश करता है या नहीं, और यदि करता है तो संसद में उसे कितना समर्थन मिलता है. लेकिन इतना तय है कि इस मुद्दे ने भारतीय राजनीति में चुनाव आयोग की भूमिका, उसकी स्वतंत्रता और चुनावी सुधारों की दिशा को लेकर एक गंभीर राष्ट्रीय बहस को जन्म दे दिया है.

प्रशांत त्यागी, वरिष्ठ संवाददाता दिल्ली

Recent Posts

आजम खान पर ईडी का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मार्केट प्राइस ₹1,170 करोड़!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…

4 hours ago

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का रीडेवलपमेंट: 60 साल पुरानी इमारत की जगह होगा अत्याधुनिक ‘गेटवे’, सालाना 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…

4 hours ago

अंडमान-निकोबार से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का आगाज: PM मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए LG डॉ. दिनेश शर्मा ने कर्मियों को दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…

4 hours ago

ANDAMAN NICOBAR: LG डॉ. दिनेश शर्मा की श्री विजयपुरम में विभागीय समीक्षा बैठक, अफसरों को निर्देश- जनहित के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं!

श्री विजयपुरम स्थित लोक निवास में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने सभी विभागों की उच्चस्तरीय…

5 hours ago

‘जाणता राजा’ के ऐतिहासिक महामंचन का 250 कलाकारों के शानदार अभिनय के साथ भव्य समापन, अंतिम दिन भी गाजियाबाद में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद के सनसिटी में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन…

5 hours ago