5000 करोड़ रुपये के बहुचर्चित नकली दवा घोटाला मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी एन राजा (उर्फ वल्लीअप्पन उर्फ राजशेखर) की जमानत याचिका पर दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट 6 अगस्त को सुनवाई करेगी. सीबीआई (CBI) ने एन राजा को इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य सूत्रधार बताया है, जिसके खिलाफ कई मामले जांच के दायरे में हैं.
5000 करोड़ रुपए के नकली दवा घोटाला मामले में गिरफ्तार एन राजा की ओर से दायर जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 6 अगस्त को सुनवाई करेगा. सीबीआई ने इसे मुख्य आरोपी बताया है. सीबीआई के अनुसार एन राजा उर्फ वल्लीअप्पन उर्फ राजशेखर के खिलाफ कई मामले जांच के दायरे में है.
आरोप है कि इन मामलों में आरोपी को फायदा पहुंचाने के लिए इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह, राजकुमार सहित अन्य लोगों ने एक कथित नेटवर्क तैयार किया. उन्होंने आरोपी को भरोसा दिलाया कि प्रभावशाली सरकारी अधिकारियों और जांच एजेंसियों में कथित पहुंच का इस्तेमाल कर उसे राहत दिलाई जा सकती है.
इस मामले में सीबीआई ने 8 जून को भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों में एफआईआर दर्ज किया था. दर्ज एफआईआर में इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह के साथ नकली दवा मामले के मुख्य आरोपी एन राजा और उसके कथित सहयोगी राजकुमार उर्फ मदनराज को आरोपी बनाया गया है. कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
इसी मामले में गिरफ्तार दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. प्रदीप सिंह को सीबीआई ने तीन करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था. इस मामले में आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत भी आरोपित हैं. गहलावत वर्तमान में दिल्ली में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे. उनपर रिश्वत लेने का आरोप है.
सीबीआई के अनुसार गहलावत से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली गई और कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जब्त किया है. गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत के बदले अपने कथित प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एजेंसी के अधिकारियों पर दबाव बनाने और पुडुचेरी के एक कारोबारी को सीबीआई की जांच में मनचाहा परिणाम दिलाने का भरोसा दिया था.
इसके बदले उन्होंने कथित तौर पर तीन करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी. यह मामला सीबीआई द्वारा जून में चलाए गए एक अभियान से जुड़ा है. इस अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह और कथित बिचौलिए राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई ने इस मामले में प्रदीप सिंह, राजकुमार और कारोबारी एन. राजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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