लीगल

रेणुकास्वामी हत्याकांड: ‘जेल में बंद’ अभिनेता दर्शन पहुंचे SC, क्या इस बार मिलेगी जमानत पर राहत?

Renukaswamy Murder Case: कर्नाटक रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में आरोपी अभिनेता दर्शन ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दर्शन द्वारा दायर नई याचिका में जमानत पर लगी रोक को हटाने की मांग की है.

हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत रद्द

दर्शन ने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल धीमी गति से चल रही है, सुनवाई जल्द पूरी होने की उम्मीद नहीं है. लिहाजा सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत पर लगाई गई रोक को हटाया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 अगस्त को कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द कर दिया था. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि यदि मामले में कोई पर्याप्त प्रगति नहीं होती है, तो एक वर्ष के बाद जमानत याचिका दायर कर सकते है.

इससे पहले कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को मामले में 60 महत्वपूर्ण गवाहों की जांच एक साल के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय विश्नोई ने यह आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट गवाहों की जांच प्रतिदिन के आधार पर कर सकती है. कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि मुकदमें में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अभिनेता दर्शन जमानत के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते है.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया

कोर्ट ने जेल के नियमावली के अनुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग वाली याचिका पर यह फैसला दिया था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म अभिनेता दर्शन, पवित्र गौड़ा सहित 5 अन्य की जमनात को रद्द करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने पुलिस से इनलोगों को गिरफ्तार करने को कहा था. पिछले दिनों कर्नाटक सरकार की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह एक बहुत ही कड़ा संदेश देता है कि आरोपी चाहे कोई भी हो, वह कानून से ऊपर नहीं है.

कोर्ट ने कहा था कि जिस दिन हमें पता चलेगा कि आरोपी को पांच सितारा दर्जा दिया जा रहा है, सबसे पहला कदम जेल अधीक्षक को निलंबित किया जाएगा. इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा दर्शन सहित अन्य को दी गई जमानत पर नाराजगी जताई थी. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम हाई कोर्ट जैसी गलती नहीं करेंगे, न ही हम दोषसिद्धि और न ही बरी करने पर कोई फैसला देंगे.

302 के मामले में गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए

कोर्ट ने पवित्रा गौड़ा के वकील से कहा था कि क्या आपको नहीं लगता कि हाई कोर्ट ने असल में अभियुक्त को बरी कर दिया? जिस तरीके से आदेश लिखा गया है, माफ कीजिए क्या हाई कोर्ट बाकी मामलों में भी ऐसे आदेश देती हैं? कोर्ट ने कहा था कि सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट ने हत्या जैसे 302 के मामले में ये कहा कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए.

जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि अगर निचली अदालत ऐसी गलती करें तो समझ में आता है, लेकिन हाई कोर्ट के न्यायाधीश से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती. मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी. राज्य सरकार ने कहा था कि ट्रायल डे-टू-डे चलाया जाएगा.

यह भी पढ़ें:  केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: देवताओं के नाम पर ली गई BJP पार्षदों की शपथ रद्द, दोबारा लेनी होगी शपथ

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

अमित शाह के यूपी दौरे से चुनावी तैयारियों को मिलेगी रफ्तार, आरपी सिंह ने जताया भाजपा की वापसी का भरोसा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह…

5 minutes ago

कमाई में जोरदार उछाल! अदाणी पोर्ट्स का नेट प्रॉफिट बढ़ा, CEO अश्विनी गुप्ता ने गिनाए तरक्की के नए रास्ते

अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशनल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 की…

13 minutes ago

ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट के लिए अब मेडिकल टेस्ट जरूरी? सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई की बड़ी बातें

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसजेंडर अधिकारों, नए कानूनी संशोधनों, मेडिकल बोर्ड की अनिवार्यता और…

29 minutes ago

2027 की डिजिटल जनगणना में नहीं मिलेगा OBC जातियों का ड्रॉपडाउन विकल्प! जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में ओबीसी जातियों के लिए प्री-लोडेड ड्रॉपडाउन…

37 minutes ago

अदाणी पोर्ट्स का बंपर मुनाफा, टारगेट 1000 करोड़ बढ़ाया; निवेशकों की बल्ले-बल्ले

Adani Ports Share Price: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्त वर्ष…

43 minutes ago