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केरल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: देवताओं के नाम पर ली गई BJP पार्षदों की शपथ रद्द, दोबारा लेनी होगी शपथ

Kerala High Court: केरल हाई कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 बीजेपी पार्षदों की देवी-देवताओं और शहीदों के नाम पर ली गई शपथ को अमान्य घोषित कर दिया है.

Kerala High Court

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Edited by Shubhra Rai

Kerala High Court: केरल हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला देते हुए बीजेपी पार्षदों की देवी-देवताओं और शहीदों के नाम पर ली गई शपथ को अमान्य करार दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों को कानून में निर्धारित तरीके से ही शपथ लेनी होगी. कोर्ट ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 भाजपा पार्षदों को चार सप्ताह के भीतर नए सिरे से शपथ लेने का निर्देश दिया है, क्योंकि पदभार ग्रहण करने के बाद उनके शपथ ग्रहण के तरीके पर सवाल उठाए गए थे.

फैसला दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आया

जस्टिस पी. वी. कुन्हीकृष्णन की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि कानून के मुताबिक शपथ केवल दो तरीके से ली जा सकती है. ईश्वर के नाम पर या सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान. यह फैसला विपक्ष के पार्षद एस पी दीपक की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद आया है. जिन्होंने 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद आयोजित शपथ ग्रहण समारोह की वैधता को चुनौती दी थी.

कानून में शपथ का एक निश्चित प्रारूप निर्धारित है

याचिकाकर्ता की दलील थी कि पार्षदों ने वैधानिक प्रारूप के अनुसार शपथ नहीं ली थी. इसलिए वे कानूनी रूप से निर्वाचित सदस्यों के रूप में बने नहीं रह सकते हैं. पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने कहा था कि वैधानिक प्रारूप के अनुसार निर्वाचित प्रतिनिधियों को या तो ईश्वर के नाम पर शपथ लेनी होती है या फिर गंभीर प्रतिज्ञान करना होता है. अदालत ने यह भी सवाल उठाया था कि जब कानून में शपथ का एक निश्चित प्रारूप निर्धारित है, तो उसे कई देवी देवताओं के नाम पर शपथ कैसे लिया जा सकता है.

धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लेख

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के पार्षदों के मामले में अदालत ने कहा कि उनकी शपथ भले ही कानून के अनुरूप नहीं थी, लेकिन केरल नगर पालिका अधिनियम की धारा 531 के तहत अब तक उनके द्वारा किए गए कार्य वैध माना जाएगा. अदालत ने अपने आदेश में श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लेख किया है.

दरअसल तिरुवनंतपुरम में 20 पार्षदों ने अलग-अलग हिंदू देवताओं भारत माता और शहीदों के नाम पर शपथ ली थी. वही, एक दूसरे मामले में पलक्कड़ जिले की एक ग्राम पंचायत सदस्य ने ईश्वर की कृपा से ओमान चांडी के नाम पर शपथ ली थी. केरल हाई कोर्ट ने कहा कि इसमें एक्स्ट्रा कुछ भी नहीं जोड़ा जा सकता.

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-भारत एक्सप्रेस 



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