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अल फलाह यूनिवर्सिटी के मालिक जावेद सिद्दीकी की जमानत पर फंसा पेच, ईडी ने कोर्ट में खोली 415 करोड़ के घोटाले की पोल

Al Falah University Money Laundering Case: लाल किला ब्लास्ट मामले से जुड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक व अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में शह-मात का खेल तेज हो गया है. हाई कोर्ट अब इस संवेदनशील मामले पर आगामी 8 जुलाई 2026 को अंतिम सुनवाई करेगा.

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट के पटल पर अपना कड़ा जवाब सौंपते हुए इस जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया है, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को आगे के लिए टाल दिया. साकेत कोर्ट से झटका लगने के बाद सिद्दीकी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

पत्नी के ‘कैंसर’ का हवाला देकर मांगी 6 हफ्ते की मोहलत

जावेद अहमद सिद्दीकी की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका में मानवीय आधार पर गुहार लगाई गई है कि उनकी पत्नी कैंसर के चौथे (4th) स्टेज से जूझ रही हैं और उनका इलाज चल रहा है, लिहाजा उनकी देखभाल के लिए 6 सप्ताह की अंतरिम जमानत दी जाए.

हालांकि, इससे पहले साकेत कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए साफ कहा था कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार मरीज की हालत स्थिर है और वह अपनी दिनचर्या के काम खुद कर सकती हैं. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि माता-पिता के बीमार होने पर बालिग बच्चों से उनकी देखभाल करने की उम्मीद की जाती है.

जालसाजी के जरिए छात्रों से वसूले 415 करोड़

ईडी के विशेष वकील जोहेब हुसैन ने इस याचिका को पूरी तरह खारिज करने की मांग करते हुए इसे गैर-सुनवाई योग्य बताया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना किसी वैध मान्यता और मानकों को पूरा किए छात्रों को आकर्षित करने के लिए फर्जी NAAC और UGC मान्यता के झूठे दावे किए. इस जालसाजी के जरिए छात्रों से करीब ₹415 करोड़ की फीस वसूली गई, जिसे ईडी ने ‘क्राइम प्रोसीड्स’ (अपराध से कमाया धन) घोषित किया है. पूरे वित्तीय संचालन को खुद सिद्दीकी ही नियंत्रित करता था.

एक ही पते पर 9 शेल कंपनियां दर्ज

ईडी की जांच में इस बात का सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट को चलाने के लिए एक ही पते पर 9 फर्जी (शेल) कंपनियां पंजीकृत पाई गईं, जिनमें कोई वास्तविक काम नहीं हो रहा था. माना जा रहा है कि इनका इस्तेमाल सिर्फ फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार के लिए किया गया.

ईडी ने अल फलाह ग्रुप के प्रमुख ठिकानों समेत 19 स्थानों पर छापेमारी कर ₹48 लाख से अधिक कैश, कई डिजिटल डिवाइस और खुफिया दस्तावेज जब्त किए हैं, जिससे साबित होता है कि करोड़ों रुपए पारिवारिक संस्थाओं में ट्रांसफर किए गए. फिलहाल फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित यूनिवर्सिटी की इमारतें, हॉस्टल और विभाग पूरी तरह जब्त हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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