नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली की राऊज एवेन्यू अदालत के समक्ष एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है. सीबीआई ने कोर्ट को सूचित किया है कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पैनल में शामिल केमिस्ट्री के शिक्षक पी. वी. कुलकर्णी से पेपर लीक करवाने के लिए ₹5 लाख की रिश्वत दी थी. जांच एजेंसी का स्पष्ट दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित और गहरी आपराधिक साजिश का हिस्सा था.
सीबीआई ने आरोपी शिवराज मोटेगांवकर की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका पर कोर्ट में अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करते हुए इस पूरी साजिश की क्रोनोलॉजी का पर्दाफाश किया है. जांच एजेंसी के अनुसार, लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपने सगे बेटे का दाखिला (एडमिशन) पी. वी. कुलकर्णी की व्यक्तिगत कोचिंग क्लास में करवाया था.
शिक्षक पी. वी. कुलकर्णी एनटीए (NTA) के उस अति-गोपनीय विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा थे, जिसने नीट-यूजी 2026 का मुख्य प्रश्नपत्र तैयार किया था. मोटेगांवकर को परीक्षा से पहले ही ये गोपनीय सवाल कुलकर्णी के जरिए प्राप्त हो गए थे. इसके बाद, आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास से मिले इन लीक सवालों के आधार पर अपने हाथ से लिखे (हैंडरिटन) स्पेशल नोट्स तैयार किए थे.
सीबीआई ने आरोपी के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया था, जिसके डेटा विश्लेषण (डेटा एनालिसिस) से कुल 36 तस्वीरें बरामद हुई हैं. इन डिजिटल तस्वीरों में केमिस्ट्री विषय के कुल 132 हाथ से लिखे हुए सवाल पाए गए. सीबीआई ने जब इन सवालों का मिलान किया, तो वैज्ञानिक जांच में यह हैरान करने वाला तथ्य सामने आया कि इन 132 सवालों में से 111 सवाल सीधे तौर पर एनटीए द्वारा तैयार किए गए नीट-यूजी 2026 के मूल ‘मास्टर क्वेश्चन सेट’ से हूबहू मेल (मैच) खाते हैं.
मोबाइल के तकनीकी डेटा से यह भी प्रमाणित हुआ है कि ये तस्वीरें 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले ही खींच ली गई थीं. इसके अलावा, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की जांच में यह साबित हो चुका है कि मोबाइल से बरामद नोट खुद शिवराज मोटेगांवकर की ही लिखावट में हैं. सीबीआई ने इस लीक प्रश्नपत्र को खरीदने के लिए दी गई ₹5 लाख की रिश्वत की पूरी रकम को एक अन्य सह-आरोपी मनोज भगवानराव शिरूरे के गुप्त ठिकाने से छापेमारी के दौरान शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है.
इस हाई-प्रोफाइल पेपर लीक सिंडिकेट के सिलसिले में अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई द्वारा दर्ज मुख्य एफआईआर (FIR) में आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), धोखाधड़ी (Cheating), आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) समेत नवगठित ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 (Public Examinations Act, 2024) की विभिन्न कड़ी और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मुख्य मास्टरमाइंड दिनेश लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के सीधे संपर्क में था. जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला एक और कड़वा तथ्य यह आया है कि मास्टरमाइंड दिनेश के अपने ही परिवार के पांच बच्चों का पिछले वर्ष यानी 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिष्ठित एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में एक साथ चयन हुआ था.
ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगा केस: उमर खालिद को कड़कड़डूमा कोर्ट से राहत
खुद आरोपी दिनेश ने सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे अपने परिवार के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट भी साझा की थी. सीबीआई की टीम अब इस बिंदु पर गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इन 5 अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से अनुचित लाभ पहुँचाकर वर्ष 2025 की परीक्षा में तो पास नहीं कराया गया था. फिलहाल सीबीआई की विशेष टीमें इस पूरे परीक्षा माफिया नेटवर्क की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ने में जुटी हुई हैं.
Ratlam 19 Year Old Youth Murder Case: मध्य प्रदेश के रतलाम में 19 वर्षीय रितेश…
भारत एक्सप्रेस के CMD और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय की मेजबानी में आयोजित ‘स्वर्णिम संध्या’ कार्यक्रम…
बीकानेर में दीपावली पर आयोजित होने वाला उर्दू रामायण पाठ गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल…
Diyara Ghat Diwali: सुल्तानपुर के ऐतिहासिक दियरा घाट पर छोटी दीपावली के अवसर पर 2100…
अमृतसर के जंडियाला स्थित गांव अकाल गढ़ ढपइयां में पुरानी रंजिश के चलते 100 से…
ECI SIR Update: SIR के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हुए मतदाताओं के लिए…