लीगल

लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय

पूर्व रेलमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहा है. राऊज एवेन्यु कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब घोटाले (Land For Job Scam) से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय कर दिए हैं.

बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार

कोर्ट ने 98 आरोपियों में 52 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने अपने फैसले में कहा कि लालू का परिवार एक सिंडिकेट की तरह काम किया. मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को आरोपियों की स्थिति और मृतक आरोपियों का डेथ सर्टिफिकेट कोर्ट में जमा कर दिया था.

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव सहित कई अन्य के खिलाफ आरोप तय किया है. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, कुछ सेलडीड को छोड़कर, जमीन खरीद के लिए ज्यादातर पैसों का लेनदेन कैश में हुआ.

पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई अपराध नहीं

सीबीआई ने मामले में आईपीसी की धारा 120 बी, धारा 420, 468,467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 11, 12, 13, 8,9 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था.

बता दें कि पिछली सुनवाई में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि उन्होंने जमीन खरीदा था, जिसके बदले पैसे दिए थे. उनके वकील ने यह भी कहा था कि पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई अपराध नहीं है. उन्होंने कहा था कि किसी भी आरोपी को कोई फायदा नहीं पहुचाया गया. इन लेन देन का आपस में कोई संबंध नहीं है.

क्या है आरोप?

राबड़ी देवी के वकील ने कोर्ट से यह भी कहा था कि सीबीआई को लगे आरोपों की जांच करना होगा, और यह साबित करना होगा कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है. आरोप है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित इंडियन रेलवे के वेस्ट सेंट्रल जोन में ग्रुप डी कैटेगरी में भर्तियां लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते 2004 से 2009 के बीच की गई. इसके बदले में भर्ती होने वाले लोगों ने राजद प्रमुख के परिवार के सदस्यों या सहयोगियों के नाम पर जमीन के टुकड़े तोहफे में दिए या हस्तांतरित किए.

बता दें कि सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहने के दौरान सेंट्रल रेलवे में ग्रुप-डी के पदों पर नियुक्तियों के बदले में लालू और उनके परिवार को सस्ते दामों में जमीन ली थी. एजेंसी ने इस मामले में 103 लोगों को आरोपी बनाया है. जिनमे से 5 लोगों की मौत हो चुकी है.

ये भी पढ़ें: तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी, पांच गिरफ्तार, कोर्ट ने 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

भाव गिरे लेकिन सोना खरीदना हुआ महंगा, जानें जेब पर लगेगी कितनी चपत?

Gold Hallmarking Fee 2026: आज गोल्ड मार्केट में सोने के भाव थोड़े गिरे हैं लेकिन…

7 minutes ago

शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म! यूपी में 15 हजार पदों पर निकली वैकेंसी, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने 15 हजार से ज्यादा शिक्षक पदों पर…

29 minutes ago

किसे, कब, कितना और कहां देना होगा चार्ज? जानें UPI के नए नियमों पर विदेशों में असर

15 अक्टूबर से UPI पर लागू हो रहे नए MDR नियमों का पूरा सच. जानिए…

33 minutes ago

18 साल बाद न्यूयॉर्क फैशन वीक में लौटे सब्यसाची, क्रिस्टी टर्लिंगटन ने खोला शो

Sabyasachi NYFW Return 2026: मशहूर भारतीय डिजाइनर Sabyasachi Mukherjee ने 18 साल बाद New York…

35 minutes ago

जालौन की सड़कों पर खाकी की गरिमा हुई तार-तार, नशे में ‘टल्ली’ सिपाही का VIDEO वायरल

उत्तर प्रदेश के जालौन में वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी का कथित तौर पर नशे की…

40 minutes ago

‘देवभूमि के विकास में दिन-रात जुटे हैं धामी…!’ सीएम के जन्मदिन पर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को…

2 hours ago