CJI सूर्यकांत ने कहा कि जब न्यायाधीश यह मान लेते है कि न्यायाधीश परिपूर्ण हैं, तो न्यायिक नेतृत्व को नुकसान होता है. उन्होंने वैश्विक न्यायिक समुदाय से विनम्रता और निरंतर सीखने की भावना को न्यायिक पद की बुनियादी शर्त के रूप में अपनाने का आह्वान किया है.
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक नेतृत्व इसलिए प्रभावित नहीं होता क्योंकि न्यायाधीश अपूर्ण होते हैं, बल्कि यह तब तक प्रभावित होता है, जब न्यायाधीश यह दिखावा करते हैं और वे अपूर्ण नहीं है. सीजेआई सूर्यकांत ने यह भी कहा कि न्यायिक नेतृत्व को देखने के तरीके में बड़ा बदलाव चाहिए.
उन्होंने एक ‘कॉमनवेल्थ एपेक्स बॉडी’ बनाने का सुझाव दिया है. जो सदस्य देशों में न्यायिक शिक्षा, अधिवक्ता वर्ग और न्यायालयों को एक साथ जोड़े. कॉमनवेल्थ ज्यूडिशियल एजुकेटर्स की 11 वीं द्विवार्षिक बैठक के उद्धघाटन समारोह में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायाधीश और न्यायिक संस्थाए हमेशा विकास, सुधार और बेहतरी की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं.
सीजेआई ने ये भी कहा कि बहुत लंबे समय से हम न्यायाधीशों को ऐसे व्यक्तियों के रूप में देखने मे सहज रहे जो नियुक्ति के समय पूर्ण, सुगठित और परिपूर्ण होते हैं. सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा कि इतिहास में, सबसे सम्मानित न्यायिक नेताओं ने कभी भी त्रुटिहीनता या पूर्णता का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि सर्वश्रेष्ठ नेता वे थे जो अपने ज्ञान की सीमाओं के प्रति सचेत रहे त्रुटि की संभावना के प्रति सतर्क रहें और सीखने के लिए खुले रहें.
उन्होंने कहा कि विनम्रता कभी भी केवल एक व्यक्तिगत गुण नहीं रही है. यह एक पेशेवर सुरक्षा कवच रही है. मेरा मानना है कि इस महत्वपूर्ण उपकरण को बिना किसी अपवाद के हर न्यायिक अफसर को सिखाया जाना चाहिए. सीजेआई ने उपनिषद के प्रसिद्ध वाक्य “,विद्या ददाति विनयम” का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चा ज्ञान विनम्रता को जन्म देता है.
सीजेआई के अनुसार इतिहास में सबसे सम्मानित न्यायिक नेता वे रहे हैं, जिन्होंने अपनी सीमाओं को स्वीकार किया और सुधार के लिए खुले रहे. उन्होंने कहा कि “,विनम्रता केवल व्यक्तिगत गुण नहीं, बल्कि पेशेवर सुरक्षा कवच है, जिसे हर न्यायिक अधिकारी को सिखाया जाना चाहिए”.
सीजेआई ने इन संस्थाओं में युवा नेतृत्व को शामिल कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की भी आवश्यकता बताई है. तकनीक, एआई और पर्यावरण न्याय पर चर्चा सम्मेलन के एजेंडे में तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमता, पर्यावरण न्याय, न्यायपालिका की विश्वसनीयता और सार्वजनिक विश्वास की रक्षा, न्यायिक कल्याण तथा निर्णय लेखन की कला जैसे.महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. सीजेआई ने कहा, कानून एक जीवंत और विकसित होने वाली इकाई है, जो समय के.साथ बदलती है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने NIA को चार्जशीट दाखिल करने के लिए दिया अतिरिक्त समय
-भारत एक्सप्रेस
1 अक्टूबर 2026 को पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि…
1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और कई शुभ योगों का…
Mesh Rashi Aaj Ka Rashifal: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर…
Aaj Ka Rashifal Vrishabh Rashi: वृष राशि के जातकों के लिए आज गुरु का प्रभाव…
Mithun Rashi Aaj Ka Rashifal: मिथुन राशि के जातकों को आज किसी पुराने मामले को…
Kark Rashi Aaj Ka Rashifal: कर्क राशि के जातकों के लिए आज कामकाज में तरक्की…