लीगल

भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी पर कोर्ट का शिकंजा, संपत्तियां जब्त करने का आदेश; 18 जुलाई को अगली सुनवाई

Sanjay Bhandari Case: आर्म्स डीलर संजय भंडारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसकी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दे दिया है. कोर्ट ने 18 जुलाई को अगली सुनवाई रखी है जिसमें शेष संपत्तियों पर फैसला होगा. हालांकि ब्रिटेन की अदालत ने फिलहाल उसके प्रत्यर्पण से इनकार किया है, लेकिन भारत में उसे भगोड़ा घोषित कर उसकी अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसा जा रहा है.

18 जुलाई को सुनवाई

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी की कुछ संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने मामले में सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट शेष संपत्तियों की जब्ती के मामले में 18 जुलाई को सुनवाई करेगा. हालांकि संजय भंडारी के वकील ने ईडी की इस मांग का विरोध किया था. हालही में दिल्ली हाई कोर्ट ने संजय भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था.

टैग हटाने की मांग वाली याचिका खारिज

साथ ही कोर्ट ने संजय भंडारी द्वारा टैग हटाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा था कि दायर याचिका में मेरिट नहीं है, लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है. राऊज एवेन्यु कोर्ट में सुनवाई के दौरान संजय भंडारी की ओर से पेश वकील ने ईडी द्वारा दाखिल हलफनामे में संलग्न दस्तवेज़ों पर सवाल उठाया था.

उन्होंने कहा था कि इन दस्तावेजों को अदालत में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उनकी दलील थी कि ईडी मूल दस्तवेज़ों से अलग नए दस्तावेज दाखिल कर रही है, जिसकी इजाजत कोर्ट को नहीं देनी चाहिए.

जब्त करना कानूनन जरूरी

ईडी की दलील थी कि जिन संपत्तियों की लिस्ट बनाई गई है, उन पर किसी भी तीसरे पक्ष ने आपत्ति नहीं जताई है. इससे जब्ती का रास्ता और आसान हो गया है. ईडी ने दलील दी थी कि भंडारी ने अपराध से अर्जित धन को इन संपत्तियों में लगाया था और अब इन्हें जब्त करना कानूनन जरूरी है. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज है और वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था.

उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था. हालही में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण से संबंधित ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था.

2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

आयकर विभाग ने उसके खिलाफ 2015 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उस पर काला धन को विदेश भेजने, टैक्स की चोरी करने और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है. भंडारी को 2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है.

लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है. भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है.

यह भी पढ़ें:  मेरा वोट मेरी मर्जी..! नेता को कैसे पता चलता है किस मोहल्ले ने किसे चुना? जानें मतगणना का ‘सीक्रेट’ खेल

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों का NHM दफ्तर पर प्रदर्शन: 21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेट

Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…

4 minutes ago

‘पहले वैकल्पिक व्यवस्था, फिर विस्थापन!’ ओंकारेश्वर में 19 अक्टूबर से चक्का जाम का ऐलान, संतों और व्यापारियों ने खोला मोर्चा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…

10 minutes ago

उन्नाव में चलती AC बस में लगी भीषण आग, वाटर पार्क से लौट रहे थे बच्चे

उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…

18 minutes ago

ताहिर हुसैन की बढ़ेंगी मुश्किलें! दंगा भड़काने के मामले में कोर्ट ने सुनाई 2 साल की कैद और जुर्माना

दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…

52 minutes ago

ब्लाइंड मर्डर का 3 दिन में खुलासा, लिव-इन पार्टनर ही निकली दिव्यांग शिक्षक की कातिल

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में दिव्यांग शिक्षक प्रमोद कुमार की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर…

2 hours ago

जनगणना नियमों में हुआ संशोधन, जानिए प्राइवेट स्कूलों के स्टाफ पर क्या पड़ेगा असर

केंद्र सरकार ने जनगणना नियम 1990 में संशोधन करते हुए प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को…

2 hours ago