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औधोगिक भूखंडों का बैंक्वेट हॉल या ऑफिस स्पेस की तरह उपयोग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि वह औधोगिक भूखंडों का बैंक्वेट हॉल या ऑफिस स्पेस की तरह उपयोग करने वाले औधोगिक भूखंड मालिकों को कारण बताओं नोटिस जारी कर सकता है और उनसे रूपांतरण शुल्क मांग सकता है. जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने यह टिप्पणी तब कि जब इस तरह के भूखंडों के इस्तेमाल करने वालों को एमसीडी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की है.
उन्होंने कहा कि एमसीडी का औधोगिक भूखंडों के वाणिज्यिक उपयोग के लिए कंवर्जन शुल्क मांगते हुए नोटिस जारी किया जाना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर की कार्रवाई नहीं है. नोटिस को चुनौती देते हुए फैक्ट्री मालिक, आईटी/आईटीईएस कम्पनियां व दिल्ली मालिकों को चुनौती दी थी और याचिकाएं दाखिल की थी. औधोगिक भूखंडों का दुरुपयोग को लेकर कंवर्जन शुल्क।मांगा गया था.
गोपाल कृष्ण

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