जस्टिस यशवंत वर्मा के घर नहीं मिला कोई कैश
हालांकि फायर ब्रिगेड के डीजी के मुताबिक जस्टिस यशवंत वर्मा के घर कोई कैश नही मिला है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा है कि जस्टिस वर्मा के आवास पर हुई घटना के संबंध में गलत सूचना और अफवाहें फैल रही है. दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की है और उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भी है.
कोर्ट ने प्रेस नोट में कही ये बात
सुप्रीम कोर्ट ने प्रेस नोट में यह भी कहा कि सूचना प्राप्त होने पर जस्टिस उपाध्याय ने साक्ष्य और सूचना एकत्रित करने के लिए इन-हाउस प्रक्रिया शुरू कर दी. नोट में यह भी कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने 20 मार्च को कॉलेजियम की बैठक से पहले ही जांच शुरू कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के तबादले के प्रस्ताव की पड़ताल 20 मार्च को सीजेआई संजीव खन्ना और चार वरिष्ठ न्यायाधीशों वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक हुई थी.
14 मार्च को जज के आवास पर लगी थी आग
बैठक के बाद जस्टिस वर्मा के अलावे संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र भेजे गए थे. बता दें कि 14 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर रात करीब 11:35 बजे आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड कर्मी आग बुझाने पहुंचे थे. जिस दौरान कथित तौर पर कैश होने की बात सामने आई थी.