दिल्ली हाई कोर्ट ने सार्वजनिक शौचालयों से संबंधित शिकायतों के निपटान के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) एवं नई दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) से एक साझा ऐप विकसित करने को कहा है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने इसके लिए डीडीए के कार्यवाहक उपाध्यक्ष और एनडीएमसी तथा एमसीडी के नगर आयुक्तों से इसको लेकर बैठक करने को कहा है.
कोर्ट 9 अप्रैल को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद है कि ये तीनों निकाय शिकायत करने कि प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक साझा ऐप विकसित करने के लिए कोई समाधान निकालने का गंभीर प्रयास करेंगे. उसने यह बात शहर में स्वच्छ जल और बिजली आपूर्ति के साथ स्वच्छ सार्वजनिक मूत्रालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग वाली जन सेवा वेलफेयर सोसाइटी की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही है.
वही एमसीडी ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल कर कहा है कि शौचालयों का तीसरे पक्ष से ऑडिट कराया गया था और उसकी स्थिति संतोषजनक पाई गई. वह सार्वजनिक शौचालयों से संबंधित शिकायतों के निवारण एवं शिकायतें लेने के लिए एक ऐप लांच किया है. इसपर कोर्ट ने एमसीडी से समाचार पत्रों या अन्य माध्यम से उसका प्रचार करने को कहा है, जिससे आम लोग इससे वाकिफ हो सकें. साथ ही एप का प्रचार शौचालयों पर भी लिखकर प्रदर्शित करने को कहा उसने यह भी कहा कि यदि इस मुद्दे पर एकिल एप विकसित किया जाता है, जिसका उपयोग सभी एजेंसियों जैसे एमसीडी, एनडीएमसी और डीडीए करता है तो लोगों को शिकायत दर्ज करना आसान हो जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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