ED Officials Attacked: मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया है. सीपीआई (एम) कार्यकर्ताओं ने ईडी के अधिकारियों के गाड़ी पर हमला किया है. हमले में एक जवान घायल. ईडी पूर्व मुख्यमंत्री के आवास सहित 10 जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देकर जब वापस जाने लगी, उस दौरान समर्थकों ने हमला किया है. कन्नूर के ईडी की टीम पर यह हमला हुआ है.
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. आरोप है कि काफिला निकलने से पहले सीपीआई (एम) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के तीन वाहनों को नुकसान पहुचाया और उन पर पत्थर फेंके गए. इस बीच जैसे-तैसे ईडी के अधिकारियों वहां से रवाना हुए. छापेमारी टीम में 12 अधिकारियों में से 4 महिला अधिकारी शामिल है.
इस हमले के ईडी अधिकारी का एक ड्राइवर घायल हो गया है. जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ईडी के अधिकारियों ने साफ किया है कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएगी.
सीएमआरएल एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी आम निवेशकों और केरल सरकार की पीएसयू कंपनी केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की है. कंपनी का कंट्रोल मैनेजिंग डारेक्टर एस. एन ससीधरन कार्थो और उनके बेटे सारन एस कार्थो के पास बताया गया जाता है.
यह मामला पहली बार 2019 मे सामने आया था, जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारा था. जांच में करीब 130 करोड़ रुपए के फर्जी खर्च सामने आए थे. बाद में कंपनी ने इन फर्जी खर्चो को आयकर टैक्स सेटलमेंट कमीशन के सामने स्वीकार भी किया था.
इसके बाद सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन आफिस (SFIO) तक पहुचा और कॉरपोरेट फ्रॉड की जांच शुरू हुई. इसी आधार पर ईडी ने भी पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी. हालांकि सीएमआरएल ने इस जांच को केरल हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
26 मई को केरल हाई कोर्ट ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड और वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशन के बीच संदिग्ध लेन देन के मामले में एक अहम फैसला सुनाया था. कोर्ट ने ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था.
कोर्ट ने माना था कि अब एसएफआईओ की शिकायत में पीएमएलए से जुड़े शेड्यूल ऑफेंस मौजूद है. एसएफआईओ ने 3 अप्रैल 2025 को एर्नाकुलम की अदालत में ससीधरन कार्थो समेत 13 लोगों के खिलाफ कॉरपोरेट फ्रॉड की शिकायत दाखिल की थी.
जांच में सामने आया कि 2015-2016 से 2022-2023 के बीच कंपनी में डिविडेंट नहीं दिया गया, लेकिन इसके बावजूद ससीधरन कार्थो और उनके बेटे के करीब 30.63 करोड़ रुपए का भारी भरकम रेम्यूनरेशन लिया. जांच में सामने आया है कि पिछले 15 सालों में कंपनी ने करीब 182 करोड़ रुपए के फर्जी कैश खर्च दिखाए.
इसके अलावा ससीधरन कार्थो परिवार की कंपनियों को ट्रांसपोर्ट सर्विस के नाम पर करीब 91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया. ईडी के मुताबिक सीएमआरएल ने वीणा विजयन कंपनी Exalogic Solutions Private Limited को आईटी कंसल्टेंसी सर्विस के नाम पर करीब 2.78 करोड़ रुपये दिए, जबकि असल मे कोई सेवा नहीं दी गई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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