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‘गौतम अडानी पर केस दायर ही नहीं होना चाहिए था…’, मामला खारिज होने पर 2 बड़े वकीलों ने किए बड़े खुलासे

अमेरिका की एक संघीय अदालत द्वारा अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) और उनके भतीजे सागर अडानी के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक आरोपों को खारिज करने के फैसले ने तहलका मचा दिया है. इस ऐतिहासिक फैसले पर देश के दो जाने-माने वरिष्ठ वकीलों विकास सिंह (Vikas Singh) और महेश जेठमलानी (Mahesh Jethmalani) ने बड़ा बयान दिया है. दोनों वकीलों का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ यह क्रिमिनल केस हमेशा के लिए बंद हो गया है, बल्कि अडानी ग्रुप को एक बहुत बड़ी और पुख्ता कानूनी राहत मिली है.

अधिकार क्षेत्र से बाहर था मामला

समाचार एजेंसी से बात करते हुए सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने स्पष्ट किया कि कोर्ट की मंजूरी के बाद अब इस आपराधिक मामले को दोबारा शुरू करना लगभग नामुमकिन है. उन्होंने अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के उस रुख का हवाला दिया जिसमें खुद माना गया था कि सरकारी वकीलों को ये आरोप दायर ही नहीं करने चाहिए थे, क्योंकि कथित रिश्वत का कोई भी लेन-देन अमेरिका के अधिकार क्षेत्र (American Jurisdiction) में नहीं हुआ था.

भारतीय कानून (CrPC) की तरह ही हुई सख्त न्यायिक जांच

विकास सिंह ने इस फैसले की तुलना भारत की न्याय प्रणाली से करते हुए कहा कि अमेरिकी जज ने सिर्फ आंख बंद करके सरकार की अर्जी मंजूर नहीं की. जज ने बकायदा हलफनामा (Affidavit) मांगा, सवाल खड़े किए और अभियोजन पक्ष के तर्कों की गहन जांच की. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भारत के ‘कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (CrPC) की धारा 321’ के समान थी, जिसमें कोर्ट की मंजूरी के बाद ही केस वापस लिया जा सकता है. जज की इस सख्ती ने केस खारिज होने के फैसले को कानूनी रूप से और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है.

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जेठमलानी बोले- ‘आरोप खोखले थे’

वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने भी अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने साफ कहा कि अडानी पर लगाए गए आरोप शुरू से ही बेहद कमजोर (Weak Allegations) थे और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था. जेठमलानी ने कहा कि इस फैसले ने उनके उस आकलन को सही साबित कर दिया है कि इस पूरे मामले का कोई मजबूत कानूनी आधार था ही नहीं. इस “विथ प्रेज्यूडिस” (स्थायी रूप से) खात्मे के बाद, गौतम अडानी और उनका पूरा समूह अब राहत की सांस ले सकता है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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