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कपूर खानदान की ‘महाभारत’: सुप्रीम कोर्ट ने आरआईपीएल में निदेशकों की नियुक्ति पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की मां रानी कपूर की ओर से दायर नई याचिका पर कपूर परिवार को आपसी विवाद सुलझाने की सलाह दी है. साथ ही कोर्ट ने आरआईपीएल में दो निदेशकों की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दिया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रिया कपूर को सावधानी बरतने की सलाह दी है. कोर्ट ने कहा कि “वह 80 साल की महिला है, उनका ख्याल रखा जाए”.

दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का निर्देश

रानी कपूर ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि प्रिया कपूर मध्यस्थता पूरी होने से पहले कंपनी के वित्तीय मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए आरआईपीएल (RIPL) में दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति करना चाहती है. आरआईपीएल परिवार की हिस्सेदारी वाली महत्वपूर्ण कंपनी है, जिसके पास Sona Comstar में भी बड़ा शेयर है.

मामले की सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि ये कदम आरबीआई के निर्देशों के पालन के लिए उठाया जा रहा है. क्योंकि केंद्रीय बैंक ने 21 मई तक दो स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति करने को कहा है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल मामले में किसी के पास पूर्ण नियंत्रण नहीं है, क्योंकि विवाद मध्यस्थ के सामने लंबित है.

सभी पक्षों की ईमानदारी से भाग लेने की उम्मीद

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दो महीने तक नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी जाए और मध्यस्थता को आगे बढ़ने दिया जाए. जरूरत पड़ी तो आरबीआई से भी कुछ समय के लिए वैधानिक अनुपालन में छूट देने को कहा जाएगा. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप लोग फिर कोर्ट क्यों आए हैं? अगर मध्यस्थता में रुचि नहीं है तो हम सीधे मामले की सुनवाई करेंगे. जब हमने मामला मध्यस्थता में भेजा है, तो उम्मीद है कि सभी पक्ष ईमानदारी से उसमें भाग लेंगे.”

बता दें कि रानी कपूर ने संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेवा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बोर्ड मीटिंग और ट्रस्ट के हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने प्रिया सचदेव पर ट्रस्ट में दखल का आरोप लगाया और 18 मई को होने जा रही बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग की है.

निदेशकों की नियुक्ति की योजना

ये बैठक रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से बुलाई गई है, जिसके पास विवादित पारिवारिक संपत्ति का बड़ा हिस्सा है. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस बैठक के जरिए बोर्ड में नए निदेशकों की नियुक्ति की योजना है.

पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘हम एक ऐसे मैदान में प्रवेश कर चुके है, जहां महाभारत भी छोटा लगेगा,  हम इस पर विचार करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को 7 मई को मध्यस्थता के लिए भेजा था, जिसमें पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को मध्यस्थ नियुक्त किया गया है.

ये भी पढ़ें: लाल किला धमाका केस में NIA का बड़ा एक्शन, 7500 पन्नों की चार्जशीट में 10 आरोपी नामजद

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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