दिल्ली के राऊज एवेन्यु कोर्ट से प्रतापगढ़ से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कुंवर अक्षय प्रताप सिंह को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा ने कुंवर अक्षय प्रताप सिंह सहित अन्य के खिलाफ दर्ज मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किया है.
आर्थिक अपराध शाखा ने कोर्ट को बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिला है. ईओडब्ल्यू द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट के बाद कुंवर अक्षय प्रताप सिंह सहित अन्य को बड़ी राहत मिल गई है. इन लोगों के खिलाफ राजा भैय्या की पत्नी भानवी सिंह ने दायर की है.
भानवी सिंह ने अक्षय प्रताप सिंह के साथ-साथ अनिल कुमार सिंह, इंद्रदेव पटेल, उमेश कुमार निगम, हरिओम शंकर, रामदेव यादव, अरुण रस्तोगी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), अनुच्छेद 467 ( मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी), अनुच्छेद 468, अनुच्छेद 471 और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज कराया था.
आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के दौरान कंपनी से संबंधित दस्तवेज़ों और डिजिटल हस्ताक्षरों की जांच के बाद पाया कि धोखाधड़ी से संबंधित लगाए गए आरोप सही नहीं है.
बता दें कि यह मामला फरवरी 2023 में कुंडा से विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने दिल्ली पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी श्री दा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड में उनके डिजिटल हस्ताक्षर का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए शेयरों पर कब्जा करने की कोशिश की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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