लीगल

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. नेहा सिंह राठौर द्वारा सोशल मीडिया पर पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दिया है.

जांच में सहयोग करने का आदेश

इस मामले में राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. जस्टिस जे. के महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंद्रुरकर की पीठ ने कहा कि राठौर संबंधित अधिकारियों के समक्ष पेश हो चुकी है और अपना बयान दर्ज करा चुकी है.

बता दें कि कोर्ट ने राठौर को आगे की जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांच दिसंबर को नेहा सिंह राठौर की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट के निर्देश

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नेहा सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था तब तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि नेहा सिंह राठौर को जांच अधिकारी के समक्ष जब भी बुलाया जाए, उन्हें उपस्थित होना होगा. कोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर नेहा सिंह राठौर जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं होती है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा.

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने दावा किया था कि राठौर जांच में सहयोग नहीं कर रही है. जबकि नेहा सिंह राठौर के वकील ने कहा था कि 3 जनवरी को जांच अधिकारी के समक्ष पेश हो चुकी है. नेहा राठौड़ पर लखनऊ के हजरतगंज थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज है.

क्या था पूरा मामला?

बता दें कि लखनऊ के गुडंबा के रहने वाले कवि अभय प्रताप सिंह ने नेहा सिंह राठौर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. नेहा सिंह राठौर के खिलाफ बीएनएस की 11 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. उनके गानों में राजनीतिक कटाक्ष, सामाजिक मुद्दे और जन जागरूकता से संबंधित कंटेंट रहता है. जिसके चलते अक्सर सुर्खियों में रहती है. राठौर ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट किया था.

वहीं, राठौर ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और निचली अदालत में चल रही कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राठौर की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

ये भी पढ़ें: कोविशील्ड विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स पर केंद्र को बनानी होगी ‘मुआवजा नीति’

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती पर अमित शाह सहित कई नेताओं ने किया नमन

स्वाधीनता सेनानी, भारतीय सशस्त्र क्रांति के जनक वासुदेव बलवंत फड़के की जयंती के अवसर पर…

1 minute ago