लीगल

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने नोरा फतेही को दोबारा समन जारी कर 6 नवंबर को किया तलब; जानें मामला

200 करोड़ रुपये के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री नोरा फतेही को दोबारा समन जारी किया है. कोर्ट ने उन्हें गवाही दर्ज कराने के लिए आगामी 6 नवंबर को अदालत में तलब किया है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट की नाराजगी

पेशी से छूट की मांग पर नाराजगी: मामले की सुनवाई के दौरान नोरा फतेही की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग की, जिस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि अदालत की प्रक्रिया को हल्के में नहीं लिया जा सकता.

दिल्ली पुलिस की जानकारी: सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस बात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि नोरा फतेही आज कोर्ट आएंगी या नहीं. पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर को ही ईमेल, व्हाट्सएप और कॉल के जरिए नोटिस सर्व किया जा चुका था, लेकिन नोरा फतेही की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला.

सरकारी गवाह के रूप में पेशी

नोरा फतेही को इस मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर सरकारी गवाह बनाया गया है. इसी आधार पर कोर्ट ने उन्हें तलब किया है, जिसके तहत उन्हें मामले से जुड़े तथ्यों और घटनाक्रम के बारे में अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराना होगा.

इससे पहले भी जांच एजेंसियां इस मामले में नोरा फतेही से पूछताछ कर चुकी हैं. सितंबर 2022 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनसे करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर के साथ उनके संपर्क और कथित तौर पर मिले उपहारों के बारे में जानकारी ली गई थी. प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनसे पूछताछ कर चुका है. इस मामले की तीसरी पूरक चार्जशीट में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज के बयान भी गवाहों के तौर पर शामिल हैं.

क्या है पूरा मामला?

निचली अदालत ने आरोप तय करते हुए पाया था कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल के अंदर बंद रहते हुए भी ठगी का एक बड़ा नेटवर्क चला रखा था. उसने खुद को तत्कालीन कानून सचिव अनूप कुमार और गृह सचिव अजय भल्ला बताकर अदिति सिंह और जपना सिंह (रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों) को झांसा दिया. पतियों की जमानत का भरोसा दिलाकर उनसे करीब 200 करोड़ रुपये की ठगी की गई.

ये भी पढ़ें: कैश फॉर जॉब मामले में सुप्रीम कोर्ट से DMK नेता केएन नेहरू को बड़ा झटका, याचिका खारिज

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में लीना पॉलोज, सुकेश चंद्रशेखर और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 170, 384, 420, 468, 120बी, आईटी एक्ट और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत चार्जशीट दाखिल की है. इन पर शेल कंपनियां बनाने और अपराध से अर्जित पैसों को छिपाने के लिए हवाला मार्गों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है.

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

प्रीति अदाणी ने की पीएम मोदी के विजनरी नेतृत्व की तारीफ, बताया कैसे बदला काशी का स्वरूप?

Priti Adani on PM Modi Varanasi: अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी ने कहा कि…

26 seconds ago

7 KM तक कंधे पर बेटी को लेकर चली मां, एंबुलेंस भी नहीं पहुंची गांव

Andhra Pradesh Viral Story: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक मां अपनी 12 वर्षीय…

6 minutes ago

‘कमाई जितना जरूरी है सेवा’, वाराणसी में बोलीं प्रीति अदाणी- ग्रुप हर साल 1.3 करोड़ लोगों के जीवन में ला रहा बदलाव

Dr Priti Adani at Varanasi: अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी ने सामुदायिक कल्याण के…

12 minutes ago

झुंझुनूं हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के…

20 minutes ago