CBSE Three Language Formula Case: सीबीएसई के कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए तीन भाषाओं के अनिवार्य रूप से लागू करने को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई गई थी. कोर्ट अगले सप्ताह दायर याचिका पर सुनवाई करेगा.
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अचानक इन भाषाओं को सीखकर 10वीं की परीक्षा कैसे दे सकते हैं? इससे अव्यवस्था फैल जाएगी. कोर्ट दायर याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई का भरोसा दिया है. यह याचिका छात्रों, पैरेंट्स और टीचर्स की ओर से दायर की गई है. सीबीएससी ने कक्षा 9 और 10 के छात्रो के लिए सीबीआई ने यह बड़ा बदलाव करते हुए अधिसूचना जारी किया है.
जारी अधिसूचना के मुताबिक अब छात्रों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी, जिनमें दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होगी. सीबीएसई की ओर से जारी यह अधिसूचना 1 जुलाई से लागू होगा. सीबीएसई की नई अधिसूचना ने छात्रों, अभिभावकों और कई स्कूलों के बीच हलचल पैदा कर दिया है.
स्कूल असमंजस में है कि इसे कैसे लागू किया जाए. सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यार्थी विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है तो उसे तीसरी भाषा के रूप में तभी चुना जा सकता है, जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों. अन्यथा विदेशी भाषा को अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ना होगा.
यह व्यवस्था 2026-2027 से लागू होगी. हिंदी, तमिल, मराठी,बंगाली, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, संस्कृत सहित कई भाषाओं को शामिल किया गया है. सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में मातृभाषा और भारतीय संस्कृति के प्रति गतिविधि मजबूत करना है. सीबीएसई ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए तीन भाषाओं का पढ़ना अनिवार्य कर दिया है.
लेकिन तीसरी भाषा (आर 3) के पेपर को बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किया गया है.तीसरी भाषा का असेसमेंट सिर्फ स्कूल लेवल तक सीमित रहेगा. हालांकि तीसरी भाषा के इंटरनल मार्क्स या ग्रेड सीबीएसई 10वीं की फाइनल मार्कसीट में शामिल किए जाएंगे.
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 31 मई 2026 तक सभी अपनी तीसरी भाषा तय कर लें. कई स्कूलों ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन कुछ संस्थानों को भाषा चयन और शिक्षक व्यवस्था जैसी संस्थानों को भाषा चयन और शिक्षक व्यवस्था जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बोर्ड लगातार स्कूलों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर मदद भी उपलब्ध करा रहा है.ताकि नई व्यवस्था समय पर लागू हो सके.
यह भी पढ़ें: मनी लॉन्ड्रिंग केस: 9 जून को तय होगा लालू परिवार का भविष्य, IRCTC घोटाले में टली सुनवाई
-भारत एक्सप्रेस
PM MODI HAILS ASIAN GAMES MEDALISTS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 (आइची-नागोया) में…
Captain Amarinder Singh: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने…
उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका को…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम को भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की…
Masoud Pezeshkian: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने…
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े सवाल पर…