Supreme Court: नालसार विश्वविद्यालय, हैदराबाद के 2026 बैच के छात्रों का मामला अब देश के सबसे बड़ी अदालत पहुच गया है. सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कड़ी फटकार लगाई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना के बेंच ने बीसीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने और विरोध करने का पूरा अधिकार है. कोर्ट ने बीसीआई को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
नालसार के छात्रों के खिलाफ इन घटनाओं को लेकर कोई दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दिया है. सुनवाई के दौरान बीसीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि संबंधित सर्कुलर वापस ले लिया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि छात्रों से कहा जाए कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद में एनरोल हो और सुप्रीम कोर्ट बार से जुड़े. सीजेआई ने कहा कि छात्रों को लीगल एड से जुड़े कामों में भी मौका दिया जा सकता है. बीसीआई का विश्वविद्यालय के छात्रों के विरोध में दखल देना ठीक नहीं है.
सीजेआई ने कहा कि यह छात्रों और मेरे बीच की बात है. बीसीआई को इसमें दखल देने का क्या काम है? यह पूरी तरह का बेवजह है. मेंशनिंग के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील के. परमेश्वर ने कोर्ट को बताया कि बीसीआई को किसी विश्वविद्यालय में चल रही छात्र गतिविधियों में दखल देने का अधिकार नहीं है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर छात्र कोई गलत बात भी कह देते हैं, तब भी इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें विरोध करने का अधिकार नहीं है. सीजेआई सूर्यकांत अपने छात्र जीवन के अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि वह खुद भी छात्र गतिविधियों में हिस्सा लेते रहे हैं.
कोर्ट ने कहा कि छात्रों और सीजेआई के बीच एक बातचीत का मामला था. ऐसे में बीसीआई की ओर से छात्रों को कार्रवाई या एनरोलमेंट रोकने की धमकी देना ठीक नहीं था. इससे पहले बीसीआई ने नालसार विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को पूरी तरह बंद करने दिया था. सीबीआई ने अपने फैसले में कहा कि सीनियर वकीलों बार के सदस्यों, कानून के छात्रों और आम लोगों से मिली राय और प्रतिक्रियाओं पर विचार किया गया. इसके बाद यह पाया गया कि नालसार के 2026 बैच के छात्रों का किसी भी तरह में विवाद, आंदोलन या गड़बड़ी में कोई रोल नहीं था.
बीसीआई ने यह भी फैसला लिया है कि नालसार के 2026 बैच के छात्रों के खिलाफ अब आगे कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. बीसीआई के इस फैसले के बाद नालसार से वर्ष 2026 में कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले सभी छात्र अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में नामांकन करा सकेंगे. यानी छात्रों के सामने अब राज्य बार काउंसिल चुनने को लेकर कोई रोक नहीं रहेगी.
-भारत एक्सप्रेस
MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…
एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…
बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…