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मॉब लिंचिंग केस में सजा सुनाने वाली जज तबस्सुम खान को धमकी; सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने जताई गंभीर चिंता

मध्य प्रदेश में 2 अगस्त 2022 के मॉब लिंचिंग मामले में दोषियों को सजा सुनाने वाली अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को मिल रही धमकियों की सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने कड़ी निंदा की है. एसोसिएशन ने कहा है कि किसी भी न्यायिक आदेश से असहमति होने पर उसका समाधान ऊपरी अदालत में अपील के जरिए किया जाना चाहिए, न कि न्यायाधीशों को डराने, बदनाम करने या धमकाने की कोशिश करके.

स्कोरा (SCAORA) के अनुसार, इस तरह की हरकतें न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था की नींव पर सीधा हमला हैं. एसोसिएशन ने न्यायाधीश तबस्सुम खान के साथ एकजुटता जताते हुए उम्मीद जताई है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

भीड़ के हमले में हुई थी नजर अहमद की मौत

दरअसल, 2 अगस्त 2022 की रात को मध्य प्रदेश से एक ट्रक निकला था. इसमें महाराष्ट्र के अमरावती से लाए गए मवेशी और तीन लोग सवार थे. सिवनी मालवा पुलिस इलाके के बाराखड़ गांव के पास, उग्र भीड़ ने ट्रक को रोक लिया और उसमें सवार लोगों पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया. इस बर्बर हमले में 50 साल के नजर अहमद की मौत हो गई थी, जबकि बाकी लोग इलाज के बाद बच गए थे.

7 आरोपियों को सुनाई है उम्रकैद की सजा

पीड़ितों के बयान और पुख्ता सबूतों के आधार पर 12 जून 2026 को सिवनी मालवा की फर्स्ट एडिशनल सेशन जज ने सात लोगों को दोषी ठहराया. कोर्ट ने माना कि उन लोगों ने बहुत बेरहमी से नजीर अहमद की हत्या की थी, जिस मामले में कोर्ट ने दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई. अदालत ने इस हमले को अत्यंत क्रूर करार देते हुए कहा था कि आरोपियों ने पीड़ित पर जानलेवा हमला करने के इरादे से एक गैर-कानूनी भीड़ जुटाई थी.

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सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक अभियान

हालांकि, न्यायाधीश तबस्सुम खान को धमकी मिलने का गंभीर मामला सामने आने के बाद सिवनी मालवा पुलिस ने ऐसे सांप्रदायिक अभियानों का स्वतः संज्ञान लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. लेकिन पुलिस अभी तक इंटरनेट पर धमकी देने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान करने में नाकाम रही है. पुलिस ने साइबर सेल से इन आरोपितों के संबंध में तकनीकी जानकारी और डेटा मांगा है ताकि उनकी जल्द गिरफ्तारी की जा सके.

गोपाल कृष्ण

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