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रामलला के डॉलर पर भी डाका, VHP की दोटूक- ‘अगर… क्या नपेंगे चंपत राय?

Ayodhya Ram Mandir donation case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान आरोपी के पास से अमेरिकी डॉलर, लाखों रुपये नकद, आभूषण और अन्य सामान बरामद हुआ है. इस बीच VHP ने कहा कि चंपत राय के खिलाफ बड़ा बयान दिया है.

Ayodhya Ram Mandir case

Ayodhya Ram Mandir donation scam: अयोध्या के राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला लगातार नए खुलासों के साथ सामने आ रहा है. देशभर में चर्चा का विषय बने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में अब एक और अहम जानकारी मिली है, जिसने सभी को चौंका दिया है.

जांच के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से बड़ी मात्रा में नकदी के अलावा 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए गए हैं. इसके साथ ही चांदी और पीली धातु के आभूषण, सिक्के और अन्य सामान भी मिला है. इन बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.

अविनाश के घर से क्या-क्या मिला

जांच में सबसे बड़ी बरामदगी आरोपी अविनाश शुक्ला के घर से हुई है. सूत्रों के मुताबिक, उनके ठिकाने से 20 लाख 39 हजार रुपये नकद मिले हैं. इसके अलावा 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद हुए हैं, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है. साथ ही करीब 159.54 ग्राम चांदी जैसी धातु, 8.14 ग्राम पीली धातु की चेन और 3.44 ग्राम पीली धातु का एक अन्य आभूषण भी मिला है. अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेशी मुद्रा कहां से आई और इसका इस मामले से क्या संबंध है.

दूसरे आरोपी करुणेश पाण्डेय के यहां से 18 लाख 7 हजार 63 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. इस रकम में अलग-अलग मूल्य के नोटों के साथ सिक्के भी शामिल हैं. वहीं, अनुकल्प मिश्र के घर से भी 16 लाख 82 हजार 40 रुपये नकद मिले हैं. जांच एजेंसियां बरामद रकम और उससे जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं.

लवकुश-टिंकू और मनीष के यहां से क्या मिला?

जांच में लवकुश मिश्रा के घर से 14 लाख 25 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं. खास बात यह है कि पूरी रकम 500 रुपये के 2,850 नोटों में थी, जिसकी जांच एजेंसियां बारीकी से पड़ताल कर रही हैं. वहीं, रामाशंकर मिश्रा के यहां से 7 लाख 32 हजार 170 रुपये नकद, दो सफेद धातु के सिक्के और करीब 24.72 ग्राम वजन का बिछुआ मिला है. इसके अलावा मनीष कुमार यादव के पास से 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, जिनमें 500, 200 और 100 रुपये के नोट शामिल थे. जांच के दौरान रामशंकर यादव उर्फ टिंकू के न्यू टीचर्स कॉलोनी स्थित हॉस्टल के कमरे से भी 1 लाख रुपये नकद मिले हैं. जांच से जुड़े दस्तावेजों में हर आरोपी से बरामद सामान और नकदी का अलग-अलग ब्योरा दर्ज है, जिसके आधार पर एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.

जांच में जुटी है पुलिस

सूत्रों के मुताबिक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी लगातार नए सबूत जुटाने (Ram Mandir SIT Investigation) में लगी है. शुरुआती जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद टीम ने पिछले पांच वर्षों में मंदिर ट्रस्ट के कराए गए ऑडिट की भी जांच करने का फैसला किया है, ताकि किसी भी वित्तीय अनियमितता का पता लगाया जा सके. जांच में मिले कुछ अहम सुरागों के आधार पर कुछ पदाधिकारियों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.

इसी बीच आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित कमरे से ‘रामराज्य कोष’ लिखा एक संदूक मिला है, जिस पर क्यूआर कोड भी लगा था. जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि इसमें आने वाला पैसा कहां से आता था और उसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं. साथ ही क्यूआर कोड से हुए लेनदेन की भी जांच की जा रही है. उधर, पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के पैतृक घरों पर छापेमारी कर परिजनों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए.


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वकीलों का होगा आंदलोन

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज नया घटनाक्रम सामने आया है. फैजाबाद बार एसोसिएशन के निर्णय के अनुसार वकील थाना राम जन्मभूमि में चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कथित गबन के आरोपों को लेकर तहरीर देंगे और मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे. इसके लिए सुबह करीब 11 बजे कचहरी परिसर से थाना राम जन्मभूमि तक वकीलों का मार्च निकाला जाएगा. बार एसोसिएशन ने साफ कहा है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वकील आंदोलन शुरू करेंगे.

क्या नपेंगे चंपत राय?

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) से लापरवाही हुई हो सकती है, लेकिन उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई एसआईटी जांच पूरी होने और उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही की जाएगी. आलोक कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले के लिए विश्व हिंदू परिषद जिम्मेदार नहीं है. उनके मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद की भूमिका श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन के बाद समाप्त हो गई थी और मंदिर के निर्माण व संचालन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की है. उन्होंने चढ़ावा चोरी की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी बताया.

-भारत एक्सप्रेस



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