सुप्रीम कोर्ट ने गर्मियों की छुट्टियों में वरिष्ठ वकीलों द्वारा मेंशनिंग करने पर आपत्ति जताई है. जस्टिस विक्रमनाथ ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों को मेरे कोर्ट में मेंशनिंग की अनुमति नहीं है. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि सभी मामलों में मेंशनिंग की अनुमति नहीं दी जा सकती है. केवल जरूरी मामलों पर ही विचार किया जाना चाहिए. इससे पहले जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस प्रसन्न वी वराले की पीठ ने कहा था कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान वरिष्ठ वकीलों को अपने-अपने केस में बहस नहीं करनी चाहिए. इसकी जगह जूनियर वकीलों को मौका देना चाहिए.
दरअसल 1 जून से सुप्रीम कोर्ट में चार अवकाशकालीन पीठ बैठी हुई हैं. जिसमें 7300 मामलों की सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट में हर साल 1 जून से 10 जुलाई तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी. लेकिन इस दौरान कोर्ट पूर्णतः बंद नहीं रहेगा. गर्मियों की छुट्टियों में अत्यंत आवश्यक मामलों के अलावा पुराने लंबित नियमित मुकदमों की भी सुनवाई होगी. पिछले साल भी कोर्ट ने गर्मियों की छुट्टी के दौरान वरिष्ठ वकीलों द्वारा मेंशनिंग पर रोक लगाई थी. कोर्ट ने वरिष्ठ वकीलों मुकुल रोहतगी, अभिषेक मनु सिंघवी और नीरज किशन कौल से कहा था कि वरिष्ठ वकीलों को इन आंशिक कार्य दिवसों के दौरान मामलों में बहस नहीं करनी चाहिए.
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पारंपरिक गर्मियों की छुट्टियों को आंशिक कार्य अदालती दिवस नाम दिया है. यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट नियम 2013 में संशोधन का हिस्सा है, जो अब सुप्रीम कोर्ट (द्वितीय संशोधन) नियम, 2024 हो गए हैं, जिन्हें अधिसूचित किया गया था. दरअसल सुप्रीम कोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां 26 मई 2025 से शुरू हो चुकी हैं और 14 जुलाई 2025 को खत्म होंगी.
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