लीगल

प्रदूषण का सारा दोष किसानों पर क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘कोरोना में पराली जली, फिर भी आसमान नीला था’

दिल्ली एनसीआर वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले प्रदूषण के कारणों की पहचान करें और फिर उनके समाधान बताए. कारणों को सार्वजनिक डोमेन में लाए और हमें बताएं कि आप उन्हें कैसे हल करेंगे. सीजेआई सूर्यकांय और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ 21 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इस बीच CAQM दीर्घकालिक समाधानों पर विचार करे. ताकि समाधानों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके. कोर्ट ने कहा कि एक विशेषज्ञ निकाय प्रदूषण के कारणों की पहचान करे और यह भी आकलन करे कि अधिकतम योगदान किन कारकों का है. सीजेआई ने कहा कि कारण सार्वजनिक डोमेन में होने चाहिए ताकि लोगों को कम से कम यह पता हो कि विशेषज्ञ निकाय के अनुसार प्रदूषण का कारण क्या है? सीजेआई ने कहा कि हम इस मुद्दे पर सुपर एक्सपर्ट नही बनेंगे, लेकिन विचार विमर्श के लिए एक मंच जरूर प्रदान करेंगे.

CJI ने विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का दिया सुझाव

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी न किसी तरह पूरा दोष किसानों पर ही डाल दिया जाता है. कोरोना के दौरान पराली जलाने की घटनाएं सबसे ज्यादा थी, वही एक ऐसा दौर था जब दिल्ली के लोगों ने नीला आसमान देखा. सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने स्रोत्र आवंटन पर आईआईटी की रिपोर्ट का हवाला दिया, इसपर सीजेआई ने कहा कि इन विशेषज्ञ संस्थानों में भी मतभेद है. एएसजी ने कोर्ट को बताया कि आईआईटी से इसपर रिपोर्ट तैयार करने का अनुरोध किया गया है. इसपर सीजेआई ने कहा कि आप उन्हें एक ही मंच पर क्यों नही लाते, उन्हें भी चर्चा करने दीजिए.

सीजेआई ने कहा कि एनसीआर में एक्यूआई में गिरावट में इन कारकों के अनुपातिक योगदान के बारे में विशेषज्ञ निकायों में मतभेद थे. उदाहरण के लिए परिवहन और उत्सर्जन क्षेत्र का विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा 12-41 फीसदी तक जिम्मेदार ठहराया गया था. सीजेआई ने कहा कि समय-समय पर उठाए गए उपायों के बावजूद एनसीआर में एक्यूआई की समस्या अभी भी बनी हुई है, बल्कि और भी गंभीर हो गई है.

सीजेआई ने कहा कि हमेशा की तरह एमसीडी ने कोई समाधान निकालने के बजाए हलफनामा दायर कर टोल प्लाजा को अपनी आय का स्रोत बताता है. गुड़गांव मेट्रो विकास प्राधिकरण भी इस सूची में कूद पड़ा है और गुड़गांव में उत्पन्न ईसीसी का 50 फीसदी हिस्सा आवंटित करने का निर्देश देने के लिए एक आवेदन दायर किया है.

ये भी पढ़ें- ‘आपको प्रोफेसर नहीं, डिक्शनरी की जरूरत है’; सुप्रीम कोर्ट ने SIT को फिर लगाई फटकार, गिरफ्तारी पर रोक बरकरार

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का निधन, 33 साल के करियर का अंत; एजेंसी में शोक की लहर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का लंबी बीमारी के बाद 6 अक्टूबर…

10 minutes ago

कंपनी ने नौकरी से निकाला तो रोबोट ने दी जान, धधकते लावा में लगाई छलांग; फिल्मी सीन हुआ सच

अमेरिकन ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी 'फिगर एआई' ने अपने पुराने रोबोट्स को कबाड़ में फेंकने या…

17 minutes ago

एक झटके में चली गई 50 वर्षीय बुजुर्ग की जान, नवादा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का कहर

Bihar Road Accident: बिहार के नवादा में तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को…

21 minutes ago

आंगन से गायब हुआ मासूम, जंगल में मिली लाश! नवसारी की इस वारदात से दहल उठे लोग; देखें VIDEO

Leopard Attack: यूपी के बहराइच में दो तेंदुओं की चहलकदमी से दहशत का माहौल है,…

22 minutes ago

रतलाम में नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी की पेड़ से बांधकर धुनाई, माफी की गुहार लगाता रहा शिक्षक, बरसती रहीं चप्पलें

Ratlam Viral Video: मध्य प्रदेश के रतलाम में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने के…

40 minutes ago

‘जब तक पैर साथ देंगे…’, SIR मार्च में जया बच्चन का तेवर, राहुल-अखिलेश के साथ धरने पर बैठीं विपक्ष की नेता

SIR के खिलाफ INDIA ब्लॉक के 140 से ज्यादा सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन…

45 minutes ago