लीगल

सुप्रीम कोर्ट ने 70 वर्षीय महिला की गिरफ्तारी को बताया अपमानजनक, झूठी FIR दर्ज कराने पर लगाया 10 लाख रुपये का जुर्माना

Supreme Court ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने के मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया है. Supreme Court ने झूठी एफआईआर दर्ज कराने पर शिकायतकर्ता पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने आपराधिक कानून के दुरुपयोग के मामले में यह जुर्माना लगाया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश दिया है. जुर्माने की यह राशि शिकायतकर्ता से वसूल कर अपीलकर्ताओं के बैंक खाते में जमा कराने का निर्देश दिया है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि शिकायत की गई बातों से एफआईआर दर्ज किए जाने का कोई औचित्य नहीं था. ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता को सिविल कोर्ट में जाने की सलाह दी जानी चाहिए थी. इसके साथ ही कोर्ट ने अपीलकर्ता के.अपील को.स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट को फैसले को रद्द कर दिया. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह मामला पूरी तरह से दीवानी मामला था. लेकिन इसे आपराधिक रंग देकर एफआईआर दर्ज कराई गई.

70 वर्षीय महिला की गिरफ्तारी पर सख्त टिप्पणी

कोर्ट यह जानकर स्तब्ध रह गया कि अपीलकर्ता जो एक 70 साल की महिला है. और एक सेवानिवृत्त सेना के अधिकारी की पत्नी हैं, इन्हें ऐसे आरोपों में गिरफ्तार कर आठ दिन तक पुलिस हिरासत में रखा गया, जिनमें कोई. संज्ञेय अपराध बनता ही नही था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को ब्याज नही बल्कि दंडित किया जाना चाहिए, क्योंकि उसने आपराधिक कानून की प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग किया है. इतना ही नहीं कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश की भी आलोचना की है.

हाईकोर्ट ने अपीलकर्ताओं द्वारा एफआईआर रद्द करने की याचिका को बिना कोई कारण बताए एक पेज में खारिज कर दिया था. जिसकी आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें हाई कोर्ट की यह सरलीकृत और सतही कार्यप्रणाली अत्यंत निराशाजनक लगी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए झूठी एफआईआर दर्ज कराई. यह पूरी तरह से दीवानी विवाद था, जिसे आपराधिक मुकदमे की शक्ल देकर कानून का दुरुपयोग किया गया.

दीवानी विवाद को बनाया गया आपराधिक मामला

कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता 70 वर्षीय महिला की गिरफ्तारी और उसकी हिरासत पूरी तरह अनुचित और अपमानजनक थी. कोर्ट ने हैदराबाद के पुलिस आयुक्त और पुलिस अधीक्षक से पीड़ित महिला को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है. यह मामला मौखिक सौदे से जुड़ा था, जिसमें अपीलकर्ताओं पर 2.8 करोड़ रुपए लेकर.प्लॉट और फॉर्महाउस की रजिस्ट्री न कराने का आरोप लगाया था.

शिकायतकर्ता एक प्रभावशाली बिल्डर संध्या कंस्ट्रक्शन एंड एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड का एजेंट है. जबकि अपीलकर्ताओं का तर्क है कि पूर्ण भुगतान नहीं हुआ था, इसलिए बिक्री की शर्तें पूरी नहीं हुई और इस बाबत दीवानी वाद पहले ही दायर किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया जा एफआईआर उन्हें दबाव में लाने के लिए दर्ज कराई गई.

Also Follow Bharat Express on Instagram 

ये भी पढ़ें: एससी/एसटी मुआवजा योजना के दुरुपयोग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने वादी पर लगाया 10 हजार रुपये जुर्माना

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

ट्रंप की हार और शेयर मार्केट में आई बहार…! सेंसेक्स 1400 अंक उछला तो निफ्टी हुई 24,300 के पार

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने की खबर के बीच भारतीय शेयर…

5 minutes ago

दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढही, दो लोगों की मौके पर मौत

Delhi Building Collapse: दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत…

6 minutes ago

अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन की करारी हार, क्या अब कमजोर पड़ रही है ट्रंप की पकड़? 2028 की सियासी जंग के लिए खुलने लगे नए रास्ते

2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार ने डोनाल्ड ट्रंप की…

22 minutes ago

क्लास बनी डिस्कोथेक! जब बच्चों के सामने टीचर ने शुरू किया धमाकेदार डांस, फिर जो हुआ…; देखें VIDEO

Viral Dance Video in Class: प्राइमरी स्कूल का दिल छू लेने वाला वीडियो वायरल, क्लासरूम…

22 minutes ago

अंगोमचा बिमोल अकोइज्म को बड़ी राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने निपटाई अग्रिम जमानत याचिका; गिरफ्तारी पर पुलिस का बड़ा बयान

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मणिपुर के सांसद और जेएनयू प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइज्म…

28 minutes ago

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बना लूटपाट का केंद्र…! छोटे देशों की लीग्स से कर रहा अवैध ‘वसूली’

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर अबू धाबी T10 लीग में अपने खिलाड़ियों को NOC देने…

38 minutes ago