सुप्रीम कोर्ट से विदेश मंत्रालय को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है, जिसमें अबू धाबी, कुवैत, सिंगापुर और कैनबरा स्थित भारतीय मिशनों में कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा सेवाओं के आउटसोर्सिंग से जुड़े टेंडर रद्द कर दिया था. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि नए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक विदेश मंत्रालय और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड अंतरिम व्यवस्था कर सकते हैं, ताकि विदर्शों में भारतीय मिशनों की पासपोर्ट और वीजा सेवाएं बाधित न हो.
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि दिल्ली हाई कोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर गलती की है और बोली दाताओं का मूल्यांकन उनकी व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर किया गया था.
सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति तो आपने खुद पैदा की, क्योंकि आपने अपने निर्णय के पर्याप्त कारण नहीं बताए. जस्टिस बागची ने कहा कि यदि टेंडर की शर्तें स्पष्ट नहीं थी और उन्हें बाद में बदला गया, तो सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानून के अनुसार टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसकी शर्तो में बदलाव नहीं किया जा सकता.
केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि टेंडर से जुड़े मूल रिकॉर्ड हाई कोर्ट के समक्ष सीलबंद लिफाफे में पेश किए गए थे, लेकिन उनपर विचार नहीं किया गया. सरकार ने इन्हें सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी रखने की पेशकश की, लेकिन अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.
हालांकि अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए की भारतीय मिशनों में पासपोर्ट और वीजा सेवाएं प्रभावित न हों, अंतरिम व्यवस्था की अनुमति दी. कोर्ट ने कहा कि विदेश मंत्रालय और ईआईएल संतोषजनक प्रदर्शन करने वाले मौजूदा एल-1 ठेकेदारों को अस्थायी रूप से काम जारी रखने दे सकते हैं या जरूरत पड़ने पर किसी अन्य एजेंसी को नियुक्त कर सकते है.
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी होगी और इससे किसी भी पक्ष के पक्ष में कोई विशेष अधिकार उत्पन्न नहीं होगा. यह व्यवस्था नए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने तक ही लागू रहेगा. अदालत ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए नई टेंडर प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाए और प्रयास किया जाए कि इसे तीन महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा.
ये भी पढ़ें: PhD थीसिस की आड़ में राहत की कोशिश; दंगा आरोपी शरजील इमाम की मांग पर कोर्ट की दो टूक
-भारत एक्सप्रेस
Aaj Ka Rashifal Kumbh Rashi: कुंभ राशि के जातकों को आज कारोबार में पूंजी की…
Aaj Ka Rashifal Meen Rashi: मीन राशि के जातकों को आज कारोबार में तकनीकी खराबी…
Aaj Ka Rashifal Mesh Rashi: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक…
Aaj Ka Rashifal Vrishabh Rashi: वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर…
Aaj Ka Rashifal Mithun Rashi: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नए…
Aaj Ka Rashifal Kark Rashi: कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक…