Legal News: सुप्रीम कोर्ट ने चार साल के बेटे के साथ गायब हुई रूसी पत्नी के मामले में दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई है. कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास को तुरंत सूचित करने का आदेश दिया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने सरकार को याचिकाकर्ता और नाबालिग बच्चे से संपर्क स्थापित करने के तरीके ढूढने का निर्देश दिया है.
कोर्ट10 दिन बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को यह भी ध्यान रखना होगा कि नाबालिग बच्चे को सुप्रीम कोर्ट की कस्टडी से लिया गया था. यह बच्चे के माता-पिता के बीच कस्टडी विवाद का मामला नहीं है. क्योंकि बच्चे की शिक्षा उसके पिता या माता में से किसी को भी नही सौंपी गई है. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है, इसमें उनकी भी भूमिका है.
कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि इलाके के स्थानीय अधिकारियों और डीसीपी को हम बख्शने वाले नहीं है. सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि जांच हमें ऐसे मुकाम पर ले गई है, जहां हमें अपने राजनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा. कोर्ट ने एएसजी भाटी से कहा कि आप बताए कि किस तरह के आप आदेश चाहते है, हम आदेश पारित करेंगे. हमें लगा था कि दिल्ली पुलिस कार्रवाई करेगी और निगरानी करेगी.
अदालत ने कहा कि 7 तारीख को ही यह बात उनके संज्ञान में लाई गई थी. ऐसा नही है कि 7 तारीख को ही महिला के कोई उड़ान भरी हो. वही जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के पास इंटरपोल के जरिए खुफिया जानकारी साझा करने के प्लेटफॉर्म है, इसलिए आप इंटरपोल का.इस्तेमाल कर सकते हैं. एएसजी भाटी ने बताया कि हमने उनसे पूछा है, लेकिन वे निजता का हवाला दे रहें है.
कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस की घोर लापरवाही और विफलता के कारण महिला को भागने का मौका मिला. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दिल्ली पुलिस रूसी महिला को न केवल पुलिस निगरानी में रखने में विफल रही, बल्कि बच्चे के पिता द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद भी समय पर कोई कार्रवाई नहीं कि.
कोर्ट ने यह भी कहा कि दायर हकफनमें से पता चला है कि विक्टोरिया बसु दिल्ली से बिहार के नरकटियागंज रेलवे स्टेशन तक टैक्सी से गई. जहां वह 8 जुलाई 2025 को पहुची और फिर नेपाल में प्रवेश किया. इससे यह भी पता चलता है कि विक्टोरिया बसु 12 जुलाई 2025 को शारजाह पहुचने के लिए एक उड़ान में सवार हुई. कोर्ट ने कहा कि इसका मतलब की महिला चार दिन नेपाल में थी. कोर्ट ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस कोई कार्रवाई की होती, तो हमें पूरा यकीन है कि उसे विमान में चढ़ने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे थे.
ये भी पढ़ें: ED को कोर्ट से लगी फटकार, सत्येंद्र जैन के घर छापेमारी को लेकर भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराजगी
-भारत एक्सप्रेस
Gorakhpur Mission Shakti Students Become Police officers: गोरखपुर में मिशन शक्ति के तहत 12वीं की…
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने पिछले पांच दशकों…
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में 30 साल की सोशल मीडिया ब्लॉगर रीना ने अपने…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का…
सरकार के दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने टेलीकॉम ऑपरेटरों को 1 नवंबर, 2026 से अपने सभी…
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में लोग 'जय…