Bharat Express DD Free Dish

ED को कोर्ट से लगी फटकार, सत्येंद्र जैन के घर छापेमारी को लेकर भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराजगी

Satyendar Jain ED Raid: दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट ने आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन के घर ईडी की छापेमारी को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी देने पर ईडी को फटकार लगाई है. कोर्ट ने निष्पक्षता और व्यक्ति की प्रतिष्ठा का सम्मान करने की बात कही.

Satyendar Jain

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन.

Satyendar Jain ED Raid: दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन के घर ईडी द्वारा की गई छापेमारी के बाद बरामदगी का दावा करने वाली भ्रामक पोस्ट के लिए राऊज एवेन्यु कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने ईडी को फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि ईडी को निष्पक्ष होना चाहिए. राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 31 जुलाई को ईडी द्वारा अपने एक्स सोशल मीडिया हैंडल पर आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन के घर की तलाशी से जुड़े भ्रामक जानकारी पोस्ट करने की आलोचना की है.

सत्येंद्र जैन के घर से नहीं हुई थी बरामदगी

कोर्ट ने कहा कि तथ्यों को भ्रामक या निंदनीय बताना या किसी व्यक्ति को बदनाम करने या राजनीतिक रूप से पूर्वग्राहित करने का इरादा ने केवल एजेंसी की ईमानदारी को कमजोर करेगा, बल्कि शक्ति का दुरुपयोग भी हो सकता है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रतिष्ठा के अधिकार सहित व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. अदालत ने यह भी कहा कि ईडी के ट्वीट में जिस तरह से सत्येंद्र जैन और अन्य के परिसरों में शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, उससे यह धारणा बनती है, कि नकदी और सोने सहित बरामदगी उनके परिसरों से की गई थी.

आगे कोर्ट ने कहा कि ईडी को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए और उसके द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित की जाने वाली कोई भी जानकारी सटीक और सनसनीखेज से मुक्त होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि ईडी जैसी जांच एजेंसी का यह दायित्व है कि वह निष्पक्षता से काम करें, निष्पक्षता और उचित प्रक्रिया के सिद्धांतों का पालन करें. सिर्फ आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म ही नहीं किसी भी प्रकार की सूचना का प्रसार सटीक, भ्रामक न हो और सनसनीखेज से मुक्त होना चाहिए.

कोर्ट ने पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए कहा कि बांसुरी स्वराज द्वारा दिया गया बयान ईडी द्वारा अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से प्रकाशित एक ट्वीट के शब्दशः दोहराव था. उन्होंने ना तो तथ्य गढ़े थे और न ही कोई भ्रामक जानकारी प्रसारित की थी. बल्कि संबंधित बयान में केवल वही दोहराया गया था जो ईडी द्वारा आधिकारिक तौर पर बताया गया था.

बांसुरी स्वराज के बयान पर भी टिप्पणी

कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा रिकॉर्ड में नहीं लाया गया था कि बांसुरी स्वराज के पास सत्यता को.साबित करने के लिए कोई स्वतंत्र साधन था. दुर्भावनापूर्ण इरादे का संकेत देने वाली किसी भी सामग्री के आभाव में, प्रथम दृष्टया यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि प्रस्तावित आरोपी ने शिकायतकर्ता को बदनाम करने या उसकी छवि खराब करने के इरादे से काम किया.

बता दें कि सात जून 2022 को ईडी ने एक्स पोस्ट किया था कि उसने सत्येंद्र जैन और अन्य के परिसरों की तलाशी की गई और 2.85 करोड़ रुपए की नकदी और 1.80 किलोग्राम सोने के सिक्कों सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए. जबकि ये बरामदगी वास्तव में जैन के घर से नहीं हुई थी.

ये भी पढ़ें: PM की तुलना शिवलिंग पर बैठे बिच्छू से करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से शशि थरूर को अंतरिम राहत बरकरार, अगली सुनवाई तक रोक जारी

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read