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‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल न करें’: मेट्रो सेवाएं रोकने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो स्टेशनों को अचानक बंद करने और ट्रेन सेवाएं रद्द किए जाने का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. शीर्ष अदालत इस मामले में रविवार को एक विशेष सुनवाई करने जा रही है. न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की बेंच इस अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसे वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की ओर से दायर किया गया है.

याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की चेयरपर्सन डी. थारा को पक्षकार बनाया गया है. आरोप है कि इन अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना की है.

‘यात्रियों को हो रही भारी परेशानी’

दायर याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अधिकारियों ने मनमाने तरीके से मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर रोक लगा दी. याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह के कड़े प्रतिबंधों से राजधानी का आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और रोज सफर करने वाले यात्रियों तथा ऑफिस जाने वालों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सार्वजनिक परिवहन रोके जाने के मामले पर कड़ी नाराजगी जताई थी. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि, “कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके लिए आवाजाही पूरी तरह से बंद नहीं की जा सकती. मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.” कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि पुलिस और प्रशासन को अपनी ताकत के बेजा इस्तेमाल से बचना चाहिए और केवल आनुपतिक कार्रवाई ही करनी चाहिए.

क्या था सुप्रीम कोर्ट का पिछला निर्देश?

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद एमए बॉबी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली की ट्रेन सेवाएं पूरी तरह बंद न की जाएं. साथ ही, आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो स्टेशनों का संचालन नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से जारी रखने को कहा था, ताकि किसी को असुविधा न हो. अब रविवार को होने वाली इस विशेष सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं कि कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन सेवाएं ठप करने पर SC सख्त, अवमानना याचिका पर कल स्पेशल बेंच करेगी सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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