लीगल

CJI BR Gavai पर जूता फेंकने वाले वकील के खिलाफ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा

सीजेआई बीआर गवई (CJI BR Gavai) पर एक वकील राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने से संबंधित दायर अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगी.

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट विकास सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि राकेश किशोर के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की अटॉर्नी जनरल ने सहमति दे दी है. विकास सिंह ने कहा था कि सोशल मीडिया पर यह लगातार चल रहा है कि वह आगे कह रहे हैं कि मुझे कोई पछतावा नहीं हैं.

वही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि कुछ लोग इसका महिमामंडन कर रहे हैं कि ऐसा करने में बहुत देर हो चुकी है. इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि सीजेआई गवई ने उदारता दिखाई है. इससे पता चलता है कि संस्था इस तरह की घटनाओं से प्रभावित नहीं होती.

भगवान हिंसा का सहारा लेने के लिए नहीं कहेंगे

सुनवाई के दौरान विकास सिंह ने कहा था कि भगवान विष्णु आपको ऐसा कुछ करने के लिए हिंसा का सहारा लेने के लिए नहीं कहेंगे, यह भगवान का भी अपमान है. इसपर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि हिंसा को कभी बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है. जरा सोचिए जब आप इस तरह की कार्यवाही शुरू करेंगे तो क्या होगा. सोशल मीडिया सब कुछ बिकाऊ हो जाएगा. जस्टिस बागची ने कहा था कि हम अदालतों में अपने व्यवहार के लिए ही जीवित हैं. यही वह भावना है जिसका प्रदर्शन मुख्य न्यायाधीश ने किया था, बस उसे दरकिनार कर दिया.

जस्टिस बागची ने कहा था कि हमारे सामने कई.महत्वपूर्ण मामले हैं, क्या यह समय बर्बाद नहीं करेगा? इसपर विकास सिंह ने कहा था कि हम जूता फेंकने की घटना का महिमामंडन करने पर लगाने की मांग कर रहे है. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि आप जैसे ही कार्रवाई करेंगे. वह प्रकरण संख्या 2 बन जाएगा.

घटना के बाद लाइसेंस किया गया रद्द

बता दें कि 6 अक्टूबर को यह घटना हुई थी. जिसको लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया सहित अन्य ने उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइसेंस को रद्द कर दिया है. बाद में एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने इसपर अपनी चुप्पी तोड़ी थी. सीजेआई (CJI BR Gavai) ने कहा था कि जो कुछ हुआ उससे बहुत स्तब्ध था. अदालत में हुई घटना के बारे में बोलते हुए सीजेआई ने यह भी कहा कि उनके लिए यह भुला दिया गया अध्याय है.

वहीं वकील राकेश किशोर पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील नरेंद्र मिश्रा ने दायर की है. उन्होंने कहा कि राकेश किशोर की हरकत ने पूरे वकील समाज को शर्मसार किया है.


ये भी पढ़ें: महिला आरोपी पर भी POCSO एक्ट के तहत मुकदमा चल सकता है या नहीं सुप्रीम कोर्ट करेगा तय, नोटिस जारी कर मांगा जवाब


-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का आगाज: सीएम मोहन यादव और नितिन गडकरी 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…

4 hours ago

लापरवाही बनी काल! यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस में आग से 9 मौतें

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…

4 hours ago

दलबदल का खेल: चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों-विधायकों ने पार्टियां बदलीं — जानिए किस राज्य में हुआ सबसे बड़ा परिवर्तन

एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…

4 hours ago

60 का दूल्हा, 23 की दुल्हन… तानों की परवाह किए बिना पिंकू संग वर्षा ने लिए सात फेरे

बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…

4 hours ago

रिटायर्ड जजों की सुविधाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- केंद्र से बनाई जाए राष्ट्रीय नीति

सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…

5 hours ago

चिता की आग और मोक्ष की नगरी, क्या आपने देखी है बनारस की इस दुनिया की असली तस्वीर?

बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…

5 hours ago