केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे साई भागीरथ को पॉक्सो (POCSO) मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट से एक बड़ी राहत मिल गई है. अदालत ने साई भागीरथ को एक लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर नियमित जमानत दे दी है. हाई कोर्ट ने भागीरथ को जेल से रिहा करने का आदेश देते हुए उनके ऊपर कई कड़ी शर्तें भी लागू की हैं.
उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा है कि साई भागीरथ इस संवेदनशील आपराधिक केस से जुड़ा कोई भी सार्वजनिक बयान जारी नहीं करेंगे. इसके साथ ही, अदालत ने उनके मीडिया को इंटरव्यू देने या सोशल मीडिया सहित किसी भी डिजिटल/सार्वजनिक मंच पर इस केस से संबंधित कोई भी सामग्री, विचार पोस्ट या अपलोड करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इसके अलावा, कोर्ट ने उन्हें मामले के गवाहों को किसी भी तरह से प्रभावित न करने और पुलिस जांच में किसी भी प्रकार का दखल न देने का भी कड़ा आदेश दिया है.
तेलंगाना हाई कोर्ट का यह नियमित जमानत आदेश प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट के तहत दर्ज आरोपों के मद्देनजर आया है. साई भागीरथ एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले में पिछले 50 दिनों से अधिक समय से जेल की सलाखों के पीछे बंद था. इससे पहले, हाई कोर्ट ने भागीरथ को 20 जून को केवल एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत प्रदान की थी. मामले की टाइमलाइन के अनुसार, भागीरथ को 16 मई की रात को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था.
यह हाई-प्रोफाइल मामला 8 मई को हैदराबाद के पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था. इस मामले की एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के तहत महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 11 और 12 के तहत भी गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं.
नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि साई भागीरथ उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप (संबंध) में था और इसी दौरान उसने उसका यौन उत्पीड़न किया था. पुलिस द्वारा मजिस्ट्रेट के सामने लड़की का आधिकारिक बयान दर्ज करने के बाद केस में बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम के तहत कई अन्य गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ी गई थीं.
केस दर्ज होने के बाद साई भागीरथ करीब 8 दिनों तक फरार रहा था. इसी बीच उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट से अग्रिम अंतरिम सुरक्षा (दंडात्मक कार्रवाई से रोक) की गुहार लगाई थी. हालांकि, तब हाई कोर्ट ने उसे किसी भी तरह की अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद 16 मई को पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.
ये भी पढ़ें: ‘चुप रहना भी अपराध है…’: POCSO का क्राइम छिपाया तो सीधे भेजे जाएंगे जेल, सुप्रीम कोर्ट ने तय की सबकी जवाबदेही
इस गिरफ्तारी को लेकर राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था. जहां एक तरफ भागीरथ के पिता और केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार का दावा है कि उनके बेटे ने कानून का सम्मान करते हुए खुद पुलिस के सामने सरेंडर (आत्मसमर्पण) किया था; वहीं दूसरी तरफ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और राज्य पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि पुलिस टीमों ने बकायदा तकनीकी सर्विलांस से आरोपी की लोकेशन को ट्रेस किया और फिर उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था.
गौरतलब है कि मुख्य आरोपी साई भागीरथ ने भी कानूनी कार्रवाई के बीच पीड़िता के खिलाफ पुलिस में एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई थी. उसने अपनी शिकायत में पीड़िता पर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उक्त लड़की ने खुद उसे अपने विभिन्न पारिवारिक कार्यक्रमों और दोस्तों के सामूहिक आयोजनों में बार-बार आमंत्रित किया था, और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं.
Amit Shah Peepal Van Viksit Bharat Sankalp Park Nava Raipur: गृह मंत्री अमित शाह ने…
Devendra Fadnavis Pimpri Chinchwad Police Dial 112 response time: महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस ने…
Antaragni IIT Kanpur Social Initiatives: IIT कानपुर में आज मनोरंजन के साथ समाज सेवा का…
UP News: मेरठ के सोतीगंज इलाके में यूपी STF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई…
Amit Shah Chhattisgarh Rajyotsav speech Nava Raipur SIR: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में गृह मंत्री अमित शाह…
दिल्ली के पंजाबी बाग में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित भव्य कार्यक्रम…