Jawed Ahmed Siddiqui Bail Rejected: साकेत कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग और 415 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी जावेद अहमद सिद्दीकी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया. जांच में खुलासा हुआ कि सिद्दीकी ने फर्जी दस्तवेजों और बिना मान्यता के छात्रों से करोड़ों की फीस वसूली और उसे शेल कंपनियों के जरिए विदेशों में निवेश किया.
ईडी ने यूनिवर्सिटी की 140 करोड़ की संपत्ति पहले ही जब्त कर ली है और 45 करोड़ की जमीन की हेराफेरी में भी सिद्दीकी मुख्य आरोपी है.
साकेत कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्धकी को झटका लगा है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने सिद्धिकी की ओर से दायर नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने 30 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखना है.
दस्तवेज़ों, बैंक खातों, शेयर ट्रांसफर और व्हाट्सएप चैट जैसी डिजिटल सामग्री के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी इस पूरे सिस्टम को नियंत्रित कर रहा था. आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने फर्जी या खत्म हो चुकी मान्यताओं (NAAC, UGC) को दिखाकर और गलत फैकल्टी रिकॉर्ड देकर सरकारी संस्थाओं को गुमराह किया, जिससे अवैध तरीके से पैसा कमाया गया.
यह पैसा बाद में अलग-अलग कंपनियों और खातों के जरिए ट्रांसफर किया गया, यहां तक कि विदेशों में निवेश भी किया गया. अदालत ने यह भी माना कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रह है और उसके खिलाफ कई पुराने मामले दर्ज है.
अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि आरोपी दोबारा बाहर आकर अपराध कर सकता है, साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने, गवाहों को प्रभावित करने और भागने की आशंका है.
सिद्धकी पर आरोप है कि मदनपुर खादर गांव में स्थित करीब 1.14 एकड़ जमीन, जिसकी बाजार दर 45 करोड़ रुपए है, उसे सिद्दिकी ने तरबिया एजुकेशन फाउंडेशन के जरिए फर्जी दस्तवेज़ों के आधार पर अधिग्रहित किया. कागज पर इसकी कीमत 75 लाख रुपए दिखाई गई थी.
ईडी ने जांच के बाद दावा किया है कि सिद्दिकी ने रसूखदार लोगों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और सरकारी तंत्र को गुमराह कर जमीन की हेराफेरी को अंजाम दिया.
इससे पहले ईडी ने दर्ज पहले मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच कर दिया है. यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किला कार ब्लास्ट के बाद एजेंसियों के राडार पर आया था. दाखिल चार्जशीट में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्धिकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है.
अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था.
ईडी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली. अपराध से प्राप्त धन का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की इमारतें, स्कूलों, विभागों से संबंधित इमारतें और हॉस्टल को जब्त कर लिया गया है. सिद्धिकी पर करीब 415 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.
यह भी पढ़ें: हैदराबाद में रोडरेज: कार ड्राइवर ने बुजुर्ग को बोनट पर लटकाए 2 किलोमीटर तक दौड़ाई
-भारत एक्सप्रेस
Supreme Court: सेंट्रल विस्टा प्लान में पर्याप्त जगह न मिलने के कारण 135 साल पुरानी…
Lucknow Ludo Dispute Murder: लखनऊ के अलीगंज में लूडो खेलने के दौरान हुए विवाद में…
IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान विराट कोहली…
Gold Rate Today: वैश्विक बाजार में इस हफ्ते सोना 3.4% तक गिरा है, लेकिन भारतीय…
CEC Gyanesh Kumar: केरल सरकार ने 2006 के मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए…
Premanand Maharaj Ashram Controversy: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी घटनाओं ने एक…